जानिए, शपथ लेते वक्त वीके सिंह ने कौन सी बड़ी गलती की थी ?

नियम के मुताबिक सेवा अधिकारियों की रैंक को देश के राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली होती है और वे अधिकारी की मृत्यु के बाद भी कानूनी तौर पर मान्य होती हैं। ऐसे में अपने रैंक के बाद रिटार्यड शब्द का इस्तेमाल गलत हैं क्योंकि रैंक कभी भी रिटार्यड नहीं होती। गौरतलब है कि सेना का यह आदेश ऐसे समय आया जब लोकसभा की वेबसाइट पर मोदी सरकार में मंत्री जनरल वीके सिंह की प्रोफाइल में उनके नाम को सिंह,जनरल (रिटायर्ड) विजय कुमार दिखाया गया है।
वहीं 26 मई को मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेते वक्त भी वीके सिंह ने खुद को मैं जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह बताया था। जो कि सेना के नियमों के मुताबिक गलत है। अब सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या तकनीकी रूप से जनरल वीके सिंह की शपथ अमान्य है। आपको बता दें कि वीके सिंह 24 वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में रिटायर हुए थे।












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