भीमा कोरेगांव हिंसा: धनंजय मुंडे ने CM ठाकरे को लिखा पत्र, प्रदर्शनकारियों के केस वापस लेने की मांग की
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे ने भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को खत लिखाकर भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग की है। इससे पहले एनसीपी विधायक जितेंद्र अव्हाड़ और कांग्रेस एमएलसी प्रकाश गजभिये ने मंगलवार को इस मामले में दलितों के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने की मांग की थी।

एनसीपी के एमएलसी प्रकाश गजभिए ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र में भीमा कोरेगांव हिंसा में दलितों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है। 31 दिसंबर, 2017 को मुंबई में यलगार परिषद के कार्यक्रम के अगले दिन पहली जनवरी 2018 को भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़क गई थी। इसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी। कई अन्य घायल हुए थे। सरकारी संपत्ति का भी काफी नुकसान हुआ था।
बता दें जनवरी 2018 में हुए भीमा कोरेगांव में दो गुटों के बीच हुई इस हिंसा में 1 व्यक्ति की जान चली गई थी जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। विरोध प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया था। उस दौरान हिंसा भड़काने और हिंसक प्रदर्शन करने के आरोप में महाराष्ट्र पुलिस ने 5 सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। जांच में उनको अर्बन नक्सली बताते हुए आरोप लगाया गया कि वह पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहे थे। इन लोगों को किया गया था गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए लोगों में गोसाल्विज, अरुण फरेरा, सुधा भरद्वाज, गौतम नवलखा, वरवर राव शामिल थे।
पुलिस ने जांच के बाद पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जिनकी पहचान सुधीर धलवे, रोना वल्सन, शोमा सेन, सुरेंद्र गडलिंग, महेश राउत के रूप में हुई। इस सभी पांच लोगों को वर्ष 2018 के जून महीने में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि सभी आरोपियों के माओवादियों से संबंध हैं यह पांचो आरोपी सरकार को अस्थिर करने के लिए काम कर रहे हैं। वहीं आरोपियों ने पुलिस के सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को बेकसूर बताया था। गौरतलब है कि एनसीपी विधायक अव्हाड़ ट्वीट कर मुख्यमंत्री ठाकरे और कैबिनेट मंत्री जयंत पाटिल से आरोपियों को रिहा करने की मांग कर चुके हैं।












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