विमानों की सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर DGCA हुआ सख्त, एयर इंडिया के सीईओ को दिए निर्देश
एयर इंडिया विमान दुर्घटना के बाद नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार को एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के आला-अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इस उच्चस्तरीय बैठक में डीजीसीए ने बोइंग 787 बेड़े को क्लीन चिट दे दी है लेकिन एयर इंडिया में रखरखाव संबंधी चिंताओं को उठाया है।
डीजीसीए ने एयर इंडिया सीईओ कैंपबेल विल्सन से बात की और एयर इंडिया के विमानों की सुरक्षा और मेंटेनेंस पर पूरा ध्यान रखने की हिदायत दी है। इस बैठक में कहा गया कि विमान में किसी तकनीकी कमियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। प्रत्येक विमान को उड़ान से पहले जो सुरक्षा मानक है उन कसौटियों पर खरा उतरना अतिआवश्यक है। डीजीसीए ने कहा यात्रियों के भरोसे के लिए समय पर उड़ानों का संचालन, एयरलाइन की साख जरूरी है।

फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्रियों को हो रही असुविधा को गंभीरता से लिया गया है। डीजीसीए ने टाटा के स्वामित्व वाली एयरलाइन को अपनी इंजीनियरिंग, संचालन और ग्राउंड हैंडलिंग इकाइयों में आंतरिक समन्वय को मजबूत करने और यात्रियों की देरी को कम करने के लिए स्पेयर पार्ट्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दी।
डीजीसीए ने दी ये हिदायत
डीजीसीए ने एयर इंडिया के सीईओ और वरिष्ठ अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा, "यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, इसलिए फ्लाइट के टेक-ऑफ करने से पहले सभी तकनीकी टेस्ट समयबद्ध और प्रमाणिक ढंग से किया जाए।"
डीजीसीए ने बोइंग 787 बेड़े को दी क्लीन चिट
गौरतलब है कि 14 जून की दोपहर अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइन टेक-ऑफ करते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। वहीं बोइंग 787 बेड़े पर की गई निगरानी में किसी बड़ी सुरक्षा चिंता का पता नहीं चला है। यह बात कुछ दिनों पहले ही एयर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें कम से कम 271 लोग मारे गए थे। डीजीसीए ने यह भी कहा कि एयर इंडिया के 33 बोइंग 787 विमानों में से 24 ने "बढ़ी हुई सुरक्षा जांच" पूरी कर ली है, जिसके लिए उसने एयरलाइन को आदेश दिया था।












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