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TATA को महंगी पड़ी पायलट की शिकायत, एअर इंडिया पर DGCA ने 1.10 करोड़ का लगाया भारी भरकम जुर्माना

टाटा ग्रुप की कंपनी एयर इंडिया पर DGCA ने 1.10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। हवाई कंपनी पर ये जुर्माना सेफ्टी से जुड़े नियमों की अनदेखी करने की वजह से लगाया गया है।

DGCA ने कहा कि कुछ लंबी दूरी के महत्‍वपूर्ण मार्गों पर फ्लाइट्स में सुरक्षा उल्‍लंघन का मामला सामने आया है। इन विमानों में ऑक्सीजन से जुड़े तय जरूरी नियमों और सुरक्षा मैनुअल का पालन नहीं किया था। यही वजह है कि एयलाइन पर ये जुर्माना लगाया गया है।

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दरअसल बोइंग के बी777 एयरक्राफ्ट उड़ाने वाले एक पायलट ने एअर इंडिया पर लॉन्ग रूट्स की फ्लाइट में सेफ्टी से जुड़े नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद एविएशन सेक्टर के रेग्युलेटर डीजीसीए ने एअर इंडिया के खिलाफ जांच की थी।

विमानन नियामक ने बताया कि Air India के कुछ बोइंग 777 विमानों को अमेरिका में इमरजेंसी ऑक्सीजन आपूर्ति के बिना संचालन किया गया, जो सुरक्षा नियमों के उल्‍लघंन के तहत आता है। एयर इंडिया पर जुर्माने का फैसला नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA द्वारा पूर्व सीनियर पायलट की शिकायत करने के बाद आया है।

शिकायत में यह भी बताया गया था कि नवंबर 2022 के बाद से ऐसा हो रहा है। इस शिकायत के बाद एविएशन रेगुलेटर ने एअर इंडिया के विमानों की '12 मिनट कैमिकल पैसेंजर ऑक्सीजन सिस्टम' की जांच की।

जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। रेगुलेटर ने कारण बताओ नोटिस के जवाब की जांच करने के बाद एअर इंडिया पर ₹1.10 करोड़ का जुर्माना लगाने का फैसला लिया।

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते भी DGCA ने कम विजिबिलिटी की स्थिति में फ्लाइट ऑपरेशन के लिए पायलटों की रोस्टरिंग में चूक के लिए एअर इंडिया पर 30 लाख रुपये का का जुर्माना लगाया था।

क्‍यों फ्लाइट में होते हैं ऑक्‍सीजन सिलेंडर?

अधिकांश विमानों में मौजूद ऑक्सीजन सिस्टम लगभग 12-15 मिनट तक ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकते हैं। इमरजेंसी आने पर इतने समय में पायलट विमान को कम ऊंचाई पर ला सकते हैं, जहां एक्स्ट्रा ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ती। 10,000 फीट तक की ऊंचाई पर आ जाने के बाद विमान में मौजूद यात्री सुरक्षित परिवेश में आ जाते हैं।

विमानों में इन ऑक्‍सीजन सिलेंडर के अलावा पुराने बोइंग 777 में एक अलग से ऑक्‍सीजन सिलेंडर होता है, लेकिन हाल के अधिकांश एयर इंडिया के B777s लिए अतिरिक्‍त सिलेंडर नहीं है, जो पश्चिमी-दक्षिण भारत और उत्तरी अमेरिका के बीच उड़ान भरने के लिए ठीक है। क्‍योंकि इन रूटों पर उड़ानें ज्‍यादा ऊपर तक नहीं उड़ती हैं।

अतिरिक्‍त सिलेंडर की क्‍या जरूरत?

हालांकि ऊंचे पहाड़ों से उड़ान भरने वाले विमान सीमा पार करने के बाद ही 10 हजार फीट तक नीचे उतर सकते हैं। ऐसे में 25-30 मिनट के लिए ओवरहेड यात्री मास्क को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए विमान पर अतिरिक्त सिलेंडर की आवश्यकता होती है।

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