मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को लेकर देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान
मुंबई, 14 जुलाई: महाराष्ट्र में नई सरकार बनते ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के अच्छे दिन लौट आए हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस प्रोजेक्ट पर काम तेज करने के लिए सभी तरह की मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे की सरकार आने के बाद महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम रुक गया था। सबसे ज्यादा दिक्कत जमीन अधिग्रहण को लेकर आ रही थी, जिसको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने सभी तरह की मंजूरी दे दी है- फडणवीस
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा है कि राज्य सरकार ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के काम में तेजी लाने के लिए सभी तरह की मंजूरी दे दी है। राज्य में नई सरकार आने के 15 दिन के भीतर ही यह कदम उठा लिया गया है, जिसे पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी सरकार ने लगभग ढाई साल तक लटकाए रखा था। मुंबई में कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेस में डिप्टी सीएम फडणवीस ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से इस प्रोजेक्ट को सभी तरह की मंजूरी दिए जाने का ऐलान किया गया है। उन्होंने कहा कि जो मामले लंबित थे, उनमें फॉरेस्ट क्लियरेंस और जमीन अधिग्रहण के अलावा कुछ और चीजें थीं।

सरकार बदलते ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को मिली गति
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने दिल्ली के सूत्रों के हवाले से बताया है कि एकनाथ शिंदे सरकार ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े लंबित मामलों को पिछले कुछ दिनों मंजूरी दी है। इसके मुताबिक बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स में स्थित भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप को भी हाई-स्पीड ट्रेन टर्मिनस के लिए शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। महाराष्ट्र के पालघर में 1.2 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का जो मुद्दा महीने से अटका पड़ा था, उसे पिछले हफ्ते प्रोजेक्ट को सौंप दिया गया है। इसके साथ मुंबई से अहमदाबाद के बीच कुल 90.56 फीसदी जमीन का अधिग्रहण (गुजरात में 98.8फीसदी, दादरा और नागर हवेली में 100 फीसदी और महाराष्ट्र में 72.25 फीसदी ) हो चुका है। 12 जुलाई को रिव्यू मीटिंग में सरकार ने कहा कि मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स (4.84 हेक्टेयर) और विक्रोली में टनल शाफ्ट के लिए 3.92 हेक्टेयर ट्रांसफर का मामला सितंबर तक सुलझा लिया जाएगा।

गुजरात में तेज चल रहा है काम
सूत्रों का कहना है कि जंगल के जरिए गुजर रहे बुलेट ट्रेन के हिस्से के स्टेज-वन को महाराष्ट्र सरकार से मंजूरी मिल गई है और स्टेज-टू को भी सितंबर तक मंजूरी मिल जाने की संभावना है। गौरतलब है कि इस हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में गुजरात में कंस्ट्रक्शन का काम कोविड लॉकडाउन की वजह से बाधित होने के बावजूद काफी तेज है, लेकिन महाराष्ट्र में इसमें अब जोर लगने की उम्मीद है। गौरतलब है कि शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन की सरकार बनने के बाद महाराष्ट्र में इस प्रोजेक्ट पर काम ठप पड़ गया था। उद्धव ठाकरे ने इसके बदले रेल मंत्रालय से ये कह दिया था कि पुणे और नागपुर को हाई-स्पीड ट्रेन से जोड़ने की पहल करे।

1,10,000 करोड़ रुपये लागत का है अनुमान
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1,10,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से 88,000 करोड़ रुपये की फंडिंग जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी कर रही है। महाराष्ट्र में अबतक इस प्रोजेक्ट के लिए जितनी जमीन अधिग्रहित की गई है, उसमें से 70 फीसदी से अधिक ठाणे और पालघर जिलों में है। इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में 30 जून को ही भारत की ओर से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की अगुवाई में संयुक्त समिति की 14वीं बैठक हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से इस प्रोजेक्ट की प्रगति और बाकी चीजों पर चर्चा की गई थी।

2017 में रखी गई थी बुलेट ट्रेन की आधारशिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र और जापान के तत्कालीन पीएम दिवंगत शिंजो आबे ने सितंबर 2017 में अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। उम्मीद है कि यह ट्रेन करीब दो घंटों में 500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करेगी। जहां तक गुजरात के हिस्से की बात है तो हाल ही रेल मंत्री ने संकेत दिया था कि 2026 तक इस ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है। उन्होंने इसके किराए को लेकर भी संकेत दिए थे कि यह फर्स्ट एसी के आसपास हो सकता है।












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