सन्नाटा पसरा आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल के घर के आगे

जानने वाले जानते हैं कि जब केजरीवाल मुख्यमंत्री बनने के बाद भी इधर रह रहे थे, तब सैकड़ों लोग उनसे रोज मिलने पहुंचते थे। यूपी पुलिस के तमाम जवान उनके गिरनार अपार्टमेंट्स की रखवाली कर रहे होते थे। मिलने वालों का तांता लगा रहता था। अब हालात पूरी तरह से बदले- बदले नजर आ रहे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने वाले केजरीवाल के आशियाने के बाहर कोई इंसान उनका इंतजार नहीं कर रहा मिलने के लिए।
किसी को इंतजार नहीं
आज रविवार को अपार्ट्मेंटस के बाहर कुछ सब्जी वाले खड़े थे। बाकी जिंदगी अपनी सुस्त रफ्तार से चल रही थी। अपार्टमेंट्स के गेट के बाहर चौकीदार से उनके बारे में पूछा तो उसका कहना था, मालूम नहीं कि केजरीवाल घर पर हैं या नहीं। हां, ईद वाले दिन कुछ लोग उनसे मिलने जरूर आए थे।
कारोबारी अजित गांधी भी कौशांबी में केजरीवाल के अपार्टमेंट्स के पास के ही रहते हैं। वे बताने लगे कि केजरीवाल के दिल्ली के सीएम बनने से पहले से ही यहां पर रोज तमाम टीम चैनलों की ओबी वैन और आम जनता खड़ी रहती थी। सबको उनका इंतजार रहता था। अब लगता है कि सबका उनसे मोह भंग हो गया है। अब यहां पर ना तो पत्रकार दिखाई देते हैं और ना ही जनता। गाँधी यह कहकर अपनी बात को खत्म करते हैं।
तिलक मार्ग शिफ्ट हुए थे
सनद रहे कि केजरीवाल बीते हफ्ते ही इधर शिफ्ट हुए हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे नई दिल्ली के पॉश तिलक मार्ग इलाके के फ्लैट में रहने के लिए चले गए थे। मुख्यमंत्री पद को छोड़ने के बाद भी वे महीनों तक उसमें ही रहते रहे इस आधार पर कि उनकी बेटी प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रही हैं। इसलिए उनका इधर रहना जरूरी है। कई महीनों तक उन्होंने उस फ्लैट का मासिक 80 हजार रुपये रेंट भी दिया।












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