नोटबंदी के बुरे असर से डरे यूपी के बीजेपी सांसद, अमित शाह को बताई चिंता
नोटबंदी के फैसले के बाद यूपी चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ी, अमित शाह की बैठक में तमाम सांसदों ने जताई चिंता|
नई दिल्ली। नोटबंदी के फैसले के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तमाम यूपी के भाजपा सांसदों से इस बारे में लोगों की राय लेने के लिए बैठक बुलाई थी।
इस बैठक में भाजपा सांसदों का कहना है कि अगर 15 जनवरी तक कैश की दिक्कतों पर काबू नहीं पाया गया तो चुनाव में पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।

शाह ने सांसदों को दिया भरोसा सूत्रों की मानें तो तकरीबन हर सांसद ने इस बैठक में कहा कि 29 के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लोगों में पार्टी के लिए काफी उत्साह था, लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद माहौल बदल गया है।
सूत्रों की मानें तो अमित शाह ने सभी सांसदों को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
नोटबंदी से जा रहा है गलत संदेश तकरीबन हर सांसद ने कहा कि नोटबंदी का फैसला चुनावी माहौल में गलत संदेश दे रहा है।
बैठक में एक सांसद ने कहा कि लोग जल्द ही अपना धैर्य खो सकते हैं अगर पहले जैसे हालात नहीं हुए तो।
नोटबंदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के प्रभाव को खत्म कर दिया तमाम सांसदों का मानना है कि सर्जिकल स्ट्राइक पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हुई थी|
युवाओं में खासकर इस स्ट्राइक के बाद उत्साह था, लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद ग्रामीण इलाकों में रोष है।
प्राइवेट बैंक बड़ी समस्या भाजपा के सांसदों ने कैश की उपलब्धता का ना होना सबसे बड़ी समस्या बताया है। बैंकों व एटीएम के बाहर लंबी लाइनें मुश्किल का सबब बनीं हुई है।
सांसदों ने प्राइवेट बैंकों के रवैये पर भी सवाल खड़ा किया। सांसदों ने बताया कि इन बैंकों से आ रही शिकायतों का निपटारा नहीं हो रहा है।
इस बैठक के बाद शाह ने कहा कि इस तरह की बैठकों से हमें फैसले लेने का भरोसा मिलता है।
व्यापारियों ने भी जताई समस्या हाल ही में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी लघु उद्योंग के व्यापारियों के संग बैठक की थी, उस बैठक में भी इसी तरह की समस्याएं उठाई गई थी।
इस बैठक में आरएसएस के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि आयकर विभाग के अधिकारियों को नोटबंदी के फैसले के बाद असीमित अधिकार मिल गए हैं।












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