'पेंशन शंखनाद रैली' के बाद क्यों उठ रही है अखबार बंद करवाने की मांग? वायरल हो रहा ये पत्र
Pension Rally: हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित पेंशन शंखनाथ रैली चर्चा में है। रैली में प्रदेश मंत्री से लेकर कई अन्य नेताओं ने भाग लिया। इस रैली को आम आदमी पार्टी का भी समर्थन मिला। इस बीच एक पत्र काफी वायरल हो रहा है, जिसमें लाइब्रेरी के अखबारों को बंद करवाने की मांग की जा रही है।
अचानक उठी अखबार बंद कराने की मांग
अब आपके मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि आखिरकार अखबारों को बंद करवाने की मांग क्यों करवाई जा रही है? अखबारों या न्यूजपेपर्स के बिना लोगों तक रैली या फिर उससे जुड़े अपडेट्स कैसे पहुंचाए जाएंगे? तो आपको बता दें कि रैली में शामिल लोगों की कुछ शिकायते हैं।

रैली में शामिल मीडिया से नाराज कुछ लोगों का कहना है कि इस रैली को कई समाचार पत्रों द्वारा अनदेखा किया गया, जिसके बाद स्कूल में समाचार पत्रों को बंद कराए जाने की मांग के साथ पत्र लिखा गया है।
वायरल हुआ ये पत्र
बताते चलें कि गांजर इंटरकॉलेज के प्रधानाचार्य को ये पत्र लिखा गया है, जो कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर में है। पत्र में लिखा गया है कि 1 अक्टूबर 2023 को रामलीला मैदान नई दिल्ली में आयोजित पेंशन शंखनाद रैली को देशभर में प्रमुख समाचार पत्रों द्वारा अनदेखा किया गया। जिसका सीधा मतलब है कि मीडिया को सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। और न ही उनका कोई महत्व है।

आगे लिखा गया है कि मीडिया केवल अनावश्यक खबरों को दिखाकर जनता में भ्रम पैदा करती है। अत: आपसे निवेदन है कि संस्था में मंगाए जाने वाले समाचार पत्रों को बंद करने की कृपा करें। बच्चों को आवश्यक खबरें ऑनलाइन माध्यम से बताई जाती रहेंगी।












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