आपको मिला भारत की बदलती तस्वीर देखने का अधिकार: पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि किस तरीके से डिजिटलाइजेशन ने चीजों को आसान बना दिया है, जिसका फायदा हम सभी को मिल रहा है।
नई दिल्ली। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद घर-घर बिजली पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम हुआ है। बिजली से पूरा देश रोशन हो रहा है। वहीं डिजिटलाइजेन से नागरिकों को बदलते भारत की तस्वीर देखने का अधिकार मिला है। एप्स के जरिए हम गोपनीयता और भ्रष्टाचार का अंधेरा हटाना चाहते हैं और ईमानदारी के उजाले की तरफ अग्रसर होकर 125 करोड़ भारतीयों की सेवा के लिए अपने आप को समर्पित करते हैं। ये बातें ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने अपने एक लेख में कही हैं।

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि किस तरीके से डिजिटलाइजेशन ने चीजों को आसान बना दिया है, जिसका फायदा हम सभी को मिल रहा है। उन्होंने लिखा है कि 2014 में जनता ने उस व्यवस्था को नकार दिया था जिसमें पर्दे के पीछे निर्णय लिये जाते थे और उनकी धुंधली-सी झलक ही आरटीआई के जरिए जनता को देखने को मिल पाती थी। आरटीआई से लोगों के लिए सरकार के कामकाज की ठीक से निगरानी करना मुमकिन नहीं था। अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशानिर्देश में विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा और खान मंत्रालयों ने अपने निर्णयों, लक्ष्यों और प्रगति को मोबाइल एप के जरिए डिजिटल रूप में पेश करने का इंतजाम किया है। इस तरह ये मंत्रालय 'बदले हुए भारत के अधिकार' के बारे में प्रधानमंत्री के वादे को पूरा कर रहे हैं।
उन्होंने लिखा है कि मोबाइल एप के जरिए काम-काज में पारदर्शिता लाने में सफल रहे हैं। आज हमारी तमाम गतिविधियां लोगों के मोबाइल पर उपलब्ध हैं। अगर आप अपने जिले में ऐसे गांवों के बारे में जानना चाहते हैं जहां बिजली नहीं पहुंची है तो आपको GARV पर लॉगइन करना होगा। आपकी बिजली कंपनी द्वारा चुकाए जा रहे बिजली के दामों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए आप MERIT पर लॉगइन कर सकते हैं। अगर आपको इस बात की चिंता सता रही है कि आपके इलाके में अगली बार बिजली कब गुल होगी तो बिजली जाने से पहले ही 'ऊर्जा मित्र' आपको पहले ही इसकी सूचना दे देगा।
TAMRA और TARANG विभिन्न परियोजनाओं और उनके लिए सरकार से मिली स्वीकृतियों की स्थिति पर नजर रखते हैं। इनके जरिए जनता परियोजनाओं में आ रही अड़चनों के बारे में सरकार की जवाबदेही तय कर सकती है। यह एक तथ्य है कि 2014 से पहले खानों और खदानों की नीलामी करीब-करीब बंद हो चुकी थी। पिछले तीन वर्षों में सरकार को खनिज उत्पादन करने वाले राज्यों के 29 खनन ब्लॉकों की बकाया लीज अवधि के दौरान 122 लाख करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व की आमदनी हुई है। UJALA नाम का एप तो एलईडी बल्बों का सबसे तेजी से इस्तेमाल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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