दिल्ली हिंसा में जला जवान का घर, फौरन इंजीनियरों की टीम लेकर पहुंची BSF, दी 10 लाख की मदद
नई दिल्ली। दिल्ली में हुई हिंसा ने न केवल लोगों की जिंदगियां लीं बल्कि सैकड़ों लोगों के सिर से छत छीन लिया। उनके सपनों का घर खाक हो गया। खजूरी खास इलाके में बीएसएफ के जवान मोहम्मद अनीस का घर भी जला दिया था। के दंगाइयों ने केवल लोगों की जान ही नहीं ली बल्कि सैकड़ों लोगों के सपनों का आशियाना भी खाक कर दिया। अनीस ने इस हादसे की जानकारी अपने सीनियर्स को नहीं दी थी। लेकिन समाचारों के जरिए उसके वरिष्ठों तक यह बात पहुंची और अब BSF अपने जवान की मदद को सामने आया है। BSF के डीजी ने कहा कि वह अपने जवान के घर बनाने में हरसंभव मदद करेंगे।

इसके लिए इंजीनियर की टीम आ चुकी है। ये पूरी टीम मिल कर फिर से अनीस के घर को ठीक कर पहले जैसा करने की कोशिश करेगी। उन्होंने बताया कि बीएसएफ ने उन्हें वेलफेयर फंड से आर्थिक मदद दे रही है। शनिवार को डीआइजी पुष्पेंद्र राठौर खजूरी खास उनके घर पहुंचे। राहत सामग्री लेकर पहुंचे डीआइजी की पूरे मुहल्ले में ही नहीं हर जगह तारीफ हो रही है। उन्होंने बताय कि अभी अनीस की तैनाती ओडिशा में है। अब उन्हें दिल्ली में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 10 लाख रुपये की आर्थिक भी दी जाएगी। आपको बता दें कि रविवार की शाम से शुरू हुआ दंगा सोमवार और मंगलवार को अपने चरम पर था इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और उत्पातियों ने कई घरों में आग लगा दी और कई वाहनों को फूंक दिया। इसी में अनीस का भी घर जल गया है।
दंगा प्रभावित इलाकों में सामान्य होते हालात
उत्तरपूर्वी दिल्ली में शनिवार सुबह हालात शांतिपूर्ण रहे। स्थानीय निवासी इस सप्ताह की शुरुआत में इलाके में हुए साम्प्रदायिक दंगों में पहुंचे नुकसान से धीरे-धीरे उबरने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षाकर्मी फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं और स्थानीय लोगों का डर खत्म करने के लिए रोज उनसे बातचीत कर रहे हैं। वे स्थानीय निवासियों से सोशल मीडिया पर अफवाहों पर ध्यान न देने तथा उसकी पुलिस में शिकायत करने का अनुरोध कर रहे हैं।
इस बीच, सूत्रों ने बताया कि दिल्ली सरकार एक व्हाट्सएप नंबर जारी करने पर विचार कर रही है जिस पर लोग इस मैसेजिंग एप पर प्रसारित किए जा रहे घृणा संदेशों के बारे में शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार लोगों से ऐसे संदेश आगे न भेजने की अपील करेगी क्योंकि समुदायों के बीच शत्रुता पैदा करने वाले ऐसे संदेशों को प्रसारित करना एक अपराध है। इस कदम का मकसद सोशल मीडिया पर अफवाहों से निपटना है।












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