जरायम की दुनिया के बादशाहों का आश्रम 'तिहाड़ जेल'! जानें कबसे अस्तित्व में?
हाई सिक्योरिटी वाली 'तिहाड़ जेल' 400 एकड़ जमीन में बसी है। सभी के जहन में यह सवाल बार-बार कौंधता है, कि 'तिहाड़ जेल' कब अस्तित्व में आई? आइए आज हम पलटते हैं उन इतिहास के पन्नों को ...

Delhi Tihar Jail: खूंखार, कुख्यात, मोस्ट वांटेड, आतंकी और जरायम की दुनिया के बादशाहों का 'सुधारगृह आश्रम' यानी 'तिहाड़ जेल'। दिल्ली के चाणक्यपुरी से 7 किमी दूर तिहाड़ा गांव की 400 एकड़ जमीन में बसा है। इसे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा कारागार कहा जाता है। यहां चहारदिवारियों के अंदर कैद अपराधी अपने गुनाहों की सजा काटते हैं। तिहाड़ जेल की दीवारें इतनी मोटी हैं कि इसको भेदकर बाहर निकलना, दांतों तले उंगलियां चबाना जैसा है।
अभी हाल ही में इसी हाई सिक्योरिटी वाली जेल में पुलिस की नाक के नीचे दो गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया और टिल्लू ताजपुरिया के खून से उनके दुश्मनों ने होली खेली। जिसके बाद 'तिहाड़ जेल' फिर सुर्खियों में छा गई। यह वही जेल है, जिसकी तकदीर देश की पहली महिला आईपीएस ने बदली थी। तब एक कैदी अचानक आईएएस बन बैठा था। सभी के जहन में यह सवाल बार-बार कौंधता है, कि 'तिहाड़ जेल' कब अस्तित्व में आई? आइए आज हम पलटते हैं उन इतिहास के पन्नों को ...
कब अस्तित्व में आई गई थी तिहाड़ जेल?
दिल्ली के तीन अहम कारागार तिहाड़, रोहिणी और मंडोली हैं। साल 1957 से 'तिहाड़ आश्रम' यानी 'तिहाड़ जेल' अस्तित्व में आई। साल 1966 में इसकी बागडोर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हाथ में आई थी। इसके बाद इसमें अभूतपूर्व बदलाव किए गए। इसे साउथ एशिया का सबसे बड़ा जेल माना जाता है। यह कई हिस्सों में बटी हुई है। इसमें 9 सेंट्रल जेल शामिल की गई हैं। जबकि बाकी सेंट्रल जेल दिल्ली की अन्य दो रोहिणी और मंडोली में शामिल हैं। हर जेल में अलग-अलग कैदियों को उनके नाम, लिंग, अपराध और सजा के हिसाब से रखा जाता है। इसमें भारत की कई बड़ी हस्तियां तिहाड़ जेल में रह चुकी हैं।
किरण बेदी ने बदली थी तिहाड़ की तकदीर, कैदी बना IAS
मीडिया रिपोट्स पर नजर डालें तो देश की पहली महिला आईपीएस अफसर किरण बेदी एक वक्त तिहाड़ जेल की इंस्पेक्टर जनरल थीं। उस दौरान किरण बेदी ने तिहाड़ जेल की तकदीर ही बदल दी थी। किरण बेदी ने ही तिहाड़ जेल में पहली बार विपस्सना ध्यान (योग) की शुरुआत की थी। इस बदलाव का ही नतीजा था, साल 2003 में उम्रकैद काट रहे अमित उर्फ अशोक राय ने यूपीएससी की तैयारी शुरु की और आईएएस की परीक्षा भी पास कर ली थी।
6,250 सुविधा वाले तिहाड़ में 14,000 से ज्यादा कैदी
तिहाड़ जेल में आने वाले दोषसिद्ध कैदियों के साथ-साथ अभियोगाधीन (अंडर ट्रायल) कैदी भी कोर्ट द्वारा भेजे जाते हैं। ऐसे में 6,250 कैदियों को रखने की सुविधा वाले तिहाड़ में 14,000 से ज्यादा को पनाह मिलती है।
1986 में सीरियल किलर चार्ल्स ने दी थी तिहाड़ की सुरक्षा को मात!
1986 में इंटरनेशनल सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज ने तिहाड़ जेल से फरार होने में कामयाब हुआ था। यह पहली बार था, जब तिहाड़ जेल की सुरक्षा को एक कैदी ने मात दी गई थी। हालांकि, बाद में उसे दोबारा पकड़ लिया गया था। इसके बाद साल 2015 में तिहाड़ जेल में सजा काट रहे दो कैदियों फैजान और जावेद ने मिलकर एक दीवार के नीचे से 10 फीट की सुरंग खोदी थी। भागते वक्त फैजान सीवर में फंस गया और पकड़ा गया।
वहीं, जावेद भागने में कामयाब रहा था। अब वर्तमान में तो कुख्यात कैदियों से पटा हुआ है तिहाड़ जेल। आतंकी फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक जैसे खतरनाक अपराधी यहीं कैद हैं।












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