जामिया हिंसा: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 6 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास हिंसक प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार किए गए लोगों को पुलिस ने आज कोर्ट में पेश किया। बता दें कि पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया था और इमने से कोई भी जामिया का छात्र नहीं था। अदलात में पेशी के बाद जज ने हिंसा की घटना के सिलसिले में 6 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

बता दें कि विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का भी आरोप लगा था जिसे गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। एक अधिकारी ने कहा कि हम यह स्पष्ट कर दें कि जामिया प्रदर्शन कारियों पर पुलिस ने गोली नहीं चलाई थी। विश्वविद्याल के परिवार में गोली के खाली खोके कहां से आए इस बारे में जांच चल रही है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में कोई भी जामिया का स्टूडेंट नहीं है। मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद 6 अरोपी अब 14 दिन के लिए जेल में ही रहेंगे।
जाफराबाद में विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन जारी है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुआ हिंसक प्रदर्शन अभी थमा भी नहीं है कि पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद से पत्थरबाजी की खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक उपद्रवियों में पुलिस पर पत्थरबाजी की है जिसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। स्थिति तनावपूर्ण बताई जा रही है इसलिए एहतियातन जाफराबाद, सीलमपुर इलाके में ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब 1 बजे यहां पर नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस बीच करीब एक घंटे बाद भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस पर पथराव करने लगी। उपद्रवियों ने डीटीसी की 3 बसों में तोड़फोड़ की, वहीं पुलिस की एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी। हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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