साकेत कोर्ट ने यौन शोषण मामले में पर्यावरणविद आरके पचौरी के खिलाफ आरोप तय करने का दिया आदेश
नई दिल्ली। द एनर्जी एंड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट (टेरी) के पूर्व प्रमुख आरके पचौरी की पूर्व सचिव होने का दावा करने वाली एक यूरोपीय महिला ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसी मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आरके पचौरी पर आरोप तय करने का आदेश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को होगी। पचौरी की कोशिशों के फलस्वरूप ही टेरी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया।
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वहीं, कोर्ट के आदेश के बाद पीड़िता का बयान भी आया है। पीड़िता ने कहा कि ये वाकई बहुत बड़ी बात है। ये बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है और आरके चौधरी के खिलाफ इस लड़ाई में अब कुछ राहत मिली है। ये पहला मामला नहीं है जब किसी महिला ने पचौरी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया हो।
Delhi's Saket Court orders framing of charges against Environmentalist RK Pachauri in a sexual harassment case. Next hearing of the matter is on October 20. pic.twitter.com/xnUD7UXdKl
— ANI (@ANI) September 14, 2018
साकेत कोर्ट ने आरके पचौरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में पचौरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354(ए) यौन उत्पीड़न, 509 (महिला को अपशब्द बोलना) और 354बी (महिला पर बल प्रयोग), 354(डी) स्टाकिंग, 341 के तहत चार्ज लगाने का आदेश दिया है।
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