सांस नहीं ले पा रही दिल्ली, अगले 10 दिनों में और बिगड़ सकते हैं हालात
नई दिल्ली। देश की राजधानी का प्रदूषण स्तर मंगलवार को गंभीर श्रेणी में पहुंच गया जिसके बाद परिवहन विभाग ने 10-15 साल पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जबकि निगमों ने भी कई इलाकों में निर्माण पर रोक लगा दी है। दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर अगले 10 दिनों में और भी खराब होने के आसार हैं जिसे देखते हुए 1 नवंबर से 10 नवंबर के बीच राजधानी में आंशिक बंदी देखने को मिल सकती है। प्रदूषण फैलाने पर लगी पाबंदी पर नजर रखने के लिए 52 टीमें भी गठित की गई हैं।

दिल्ली में और बढ़ेगा प्रदूषण का स्तर
दिल्ली परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को नोटिस जारी कर ऐसे वाहन सड़क पर पकड़े जाने पर उन्हें जब्त करने की बात कही। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने ऑड-इवन लागू करने पर भी विचार करने को कहा है। प्रतिबंधित वाहनों पर नजर रखने के लिए परिवहन विभाग की इनफोर्समेंट टीम के अलावा ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं।

10-15 साल पुराने डीजल वाहनों पर रोक
दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने कहा कि हालात अगर ऐसे ही खराब होते गए तो निजी वाहनों को दिल्ली में चलने से रोकना होगा। प्राधिकरण ने कहा कि स्मॉग के कारण दिल्ली की हवा खतरनाक होती जा रही है। राजधानी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। वायु में खतरनाक कणों का बढ़ना जारी है जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।

दिल्ली गैस चैम्बर के रूप में तब्दील
इस वक्त स्मॉग के कारण दिल्ली गैस चैम्बर के रूप में तब्दील होती दिखाई दे रही है और लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। अगले दस दिनों में दिल्ली की हालत और भी खराब हो सकती है और ऐसे में प्रतिबंधित वाहनों को सड़कों पर उतरने से रोका जा रहा है ताकि प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आ सके।












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