#YuvaHunkarRally: हमें इंसाफ चाहिए, पीएम मोदी को हमारे हर सवाल का जवाब देना होगा: जिग्नेश मेवाणी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पुलिस के मना करने के बावजूद जिग्नेश मेवाणी, अखिल गोगोई और शहला रशीद संसद मार्ग पर हुंकार रैली की, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इस रैली में यूपी की भीम आर्मी के समर्थक भी पहुंचे थे, जिनके हाथों में अपने नेता चंद्रशेखर की तस्वीरें थीं। गौरतलब है कि दलित नेता जिग्नेश हाल ही में गुजरात के वडगाम से विधायक चुने गए हैं, उन्होंने कांग्रेस के सपोर्ट पर निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

LIVE: हुंकार रैली पर अड़े मेवाणी, कहा-रोक सको तो रोक लो

रैली की बड़ी बातें

  • रैली में जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि हम किसी धर्म के खिलाफ न थे, न होंगे, हम सविंधान को मानते हैं, बाबा साहेब और फूले के विचारों को मानते हैं इसलिए हम हमेशा संविधान की बात करेंगे।
  • मैं देश के पीएम मोदी को बताना चाहूंगा कि अब तो मैं गुजरात से ही विधायक हूं, आपको मेरे हर सवाल का जवाब देना पड़ेगा।
  • मैं पीएम से पूछना चाहता हूं कि भीमा कोरेगांव हिंसा के लिए गोगोई के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज हुआ, आपको रोहित वेमुला के बारे में जवाब देना होगा।
  • आपको जवाब देना होगा कि भीम आर्मी को क्यों टारगेट किया जा रहा है, आप लव जिहाद की जितनी राजनीति करनी हो कर लो, हम प्यार की बात करेंगे। रैली में जिग्नेश ने कहा कि मैं पीएम से सवाल पूछूंगा कि आप क्या चुनेंगे, मनु स्मृति या संविधान?
  • मेवाणी की इस रैली में प्रशांत भूषण ने भी हिस्सा लिया, रैली में प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने रैली रोक‍ने के लिए परमिशन नहीं दी इसलिए भीड़ कम है, लेकिन एक नई शुरुआत है। देश में एक नई उम्मीद जगी है, एक झूठी राजनीति के खिलाफ एक ताकत खड़ी हो रही है। यह प्यार की राजनीति है, न कि बदले की राजनीति।
  • बीजेपी पार्टी नहीं वॉशिंग मशीन है: कन्हैया कुमार
  • मेवाणी की इस रैली में कन्हैया कुमार भी पहुंचे और उन्होंने भी जमकर बीजेपी निशाना साधा।
  • हुंकार रैली में उमर खालिद ने कहा कि हमें चंद्रशेखर, रोहित वेमुला के लिए इंसाफ़ चाहिए, ये सरकार मनुवादियों की सरकार है।
  • मेवाणी की रैली में उमर ने कहा- फूट चुका है मोदी का बुलबुला
  •  LIVE: हमें चंद्रशेखर-रोहित के लिए इंसाफ चाहिए: उमर खालिद
  • इससे पहले मीडिया से बात करते हुए मेवाणी ने कहा कि इस देश में एक निर्वाचित प्रतिनिधि को अगर युवाओं के लिए रोजगार, सामाजिक न्याय और दलितों व अल्पसंख्यकों के लिए बोलने नहीं दिया जाएगा, तो इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण क्या होगा, मोदी सरकार हमारी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, अगर दिल्ली पुलिस ने हम पर एक्शन लिया तो ये गलत होगा।
  • लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ को काले झंडे दिखाने वाली छात्रा पूजा शुक्ला ने कहा कि वो लखनऊ में ही रहेंगी, लेकिन योगी-योगी नहीं कहेंगी।
  • पार्लियामेंट स्ट्रीट की ओर रवाना होने से पहले मेवाणी अंबेडकर पार्क पहुंचे और वहां उन्होंने अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। मेवाणी और उनके समर्थकों को देखते हुए इस वक्त पार्लियामेंट स्ट्रीट पर भारी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
  • गौरतलब है कि देश की राजधानी में गुजरात विधायक जिग्नेश मेवाणी आज हुंकार रैली करना चाहते हैं लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें इस बात की इजाजत नहीं दी है, जिसके बाद जिग्नेश मेवाणी के समर्थक और पुलिस के बीच विवाद पैदा हो गया है।
  • समर्थकों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर रैली करने से रोका जा रहा है, पहले हमने इजाजत ली थी लेकिन अब हमें मना किया जा रहा है, ये सही नहीं है।

डीसीपी ने सोमवार देर रात किया Tweet

डीसीपी ने सोमवार देर रात किया Tweet

आपको बता दें कि नई दिल्ली के डीसीपी ने सोमवार देर रात एक ट्वीट किया था जिसमे लिखा था कि एनजीटी के आदेशों को मद्देनजर रखते हुए अभी तक पार्लियामेंट स्ट्रीट पर प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की तरफ से इजाजत नहीं दी गई है, हमने प्रदर्शनकारियों को ये भी कहा था कि वो दूसरी जगह रैली कर लें लेकिन वो राजी नहीं हुए।

 मेवाणी और उनके समर्थक भड़के

मेवाणी और उनके समर्थक भड़के

डीसीपी के इस ट्वीट के बाद मेवाणी और उनके समर्थक भड़क गए, हुंकार रैली का आयोजन कर रहे लेफ्ट संगठन के कार्यकर्ता इसके विरोध में उतर आए हैं। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष और लेफ्ट छात्र नेता शहला राशिद ने ट्विटर पर ही डीसीपी को जवाब दिया कि , 'डीसीपी सर, रैली तो वहीं कराएंगे।'

रैली मोदी सरकार की नाकाम नीतियों के खिलाफ

रैली मोदी सरकार की नाकाम नीतियों के खिलाफ

गौरतलब है कि ये रैली मोदी सरकार की नाकाम नीतियों और मुस्लिम-दलितों पर अत्याचार के खिलाफ आयोजित की जा रही है इसलिए समर्थकों का आरोप है कि रैली जानबूझकर रोकी जा रही है।

प्रशांत भूषण ने भी किया विरोध

प्रशांत भूषण ने भी किया विरोध

मेवाणी के समर्थकों को वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण का भी समर्थन मिल गया है, उन्होंने कहा कि एनजीटी का आदेश जंतर मंतर के लिए है, न कि पार्लियामेंट स्ट्रीट के लिए, उन्होंने कहा कि अगर पुलिस रैली को रोकती है तो यह अलोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों का हनन है।

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