दिल्ली पुलिस बोली-सीलमपुर हिंसा में घायल हुए 21 लोग, नहीं चलाईं गोलियां
नई दिल्ली। दिल्ली के जामिया के बाद अब सीलमपुर इलाके में मंगलवार को नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने जमकर तोड़फोड़ की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। अब सीलमपुर की घटना पर दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया, कुल 21 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 12 दिल्ली पुलिस के जवान हैं और 3 रैपिड एक्शन फोर्स के हैं। 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 2 पुलिस बूथ क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस द्वारा कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया।

कोई गोली नहीं चलाई गई है: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर आलोक कुमार ने सीलमपुर की घटना पर कहा कि- कोई गोली नहीं चलाई गई है, सिर्फ आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। फिलहाल हालात पूरी तरह से काबू में हैं। कुछ पुलिस वाले घायल हैं। दो सरकारी बसों, एक रैपिड एक्शन फोर्स की बस और कुछ बाइक्स को प्रोटेस्ट के चलते नुकसान पहुंचा है। वहीं दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने बताया है कि सीलमपुर में हालात नियंत्रण में हैं। हम लगातार निगरानी रख रहे हैं। जिस जगह घटना घटी, उस इलाके की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। साथ-साथ विडियो रिकॉर्डिंग जारी है। हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
'सीलमपुर-जाफराबाद में हिंसा से प्लानिंग करके की गई'
वहीं मीडिया में चल रही खबर के मुताबिक दिल्ली पुलिस का कहना है कि, सीलमपुर-जाफराबाद में हिंसा से प्लानिंग करके की गई है। हम पहले से ड्रोन से इलाके और प्रदर्शन पर नजर रखे थे पर जैसे ही ड्रोन बन्द किया, कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसा में दो लोगों की हालत गंभीर है जिसमें एक पुलिसकर्मी और एक प्रदर्शनकारी है। सरकारी काम में बाधा, सरकारी कर्मचारी पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और दंगा भड़काने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

3 आरएएफ के जवान भी घायल
गिरफ्तार किए गए लोगों पर 147, 148, 149, 186, 332, 353 और सेक्शन 3 और 4 पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। कुल 21 लोग घायल हुए हैं जिसमें 12 पुलिसकर्मी और 6 अन्य लोग हैं। बाकी 3 आरएएफ के जवान घायल हैं।












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