टेरर फंडिग केस में 5 फरवरी तक बढ़ी सैयद सलाहुद्दीन के बेटे शाहिद यूसुफ की न्यायिक हिरासत
टेरर फंडिग केस में 5 फरवरी तक बढ़ी सैयद सलाहुद्दीन के बेटे की न्यायिक हिरासत
नई दिल्ली। हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद शाहिद यूसुफ की न्यायिक हिरासत को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया है। शाहिद यूसूफ को छह साल पुराने टेरर फंडिग के मामले में गिरफ्तार किया गया है। 42 साल के यूसुफ को एनआईए ने बीते साल 24 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। शाहिद को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के वक्त वह एग्रिकल्चरल असिस्टेंट के पद पर सेंट्रल कश्मीर के बडगाम में तैनात था। गिरफ्तारी के बाद उसे पद से सस्पेंड कर दिया गया था।

2011 के टेरर फंडिग मामले में हुई है गिरफ्तारी
शाहिद यूसुफ को 2011 के हवाला टेरर फंडिंग केस में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। शाहिद पर हवाला के जरिए आतंकियों को पैसा पहुंचाने के आरोप हैं। शाहिद के पिता सलाहुद्दीन को आतंक का पर्याय माना जाता है। 2011 के टेरर फंडिंग मामले में यूसुफ पर पाकिस्तान में रह रहे अपने पिता सैयद सलाहुद्दीन से आतंकी गतिविधियों के लिए रकम लेने के आरोप हैं। एनआईए का आरोप है कि यूसुफ ने अमेरिका में मौजूद एक इंटरनैशनल वायर ट्रांसफर कंपनी के जरिए एजाज अहमद बट और फरार चल रहे सऊदी अरब के एक शख्स से यह पैसे लिए थे।

एनआईए ने किए हैं कई दावे
एनआईए ने दावा किया था कि आठ बार इंटरनैशनल वायर ट्रांसफर के जरिए करीब 4.5 लाख की रकम भेजी गई। अप्रैल 2011 में ही एनआईए ने केस दर्ज कर लिया था। आरोपों के मुताबिक पाकिस्तान से दिल्ली के हवाला एजेंटों के जरिए कश्मीर में रकम को भेजा गया, जिसका इस्तेमाल आतंकी और अलगाववादी गतिविधियों में किया गया।

पाक में रहता है सैयद सलाहुद्दीन
सैयद सलाहुद्दीन अपनी पत्नी के साथ पाकिस्तान में रहता है। सलाहुद्दीन ने दो शादी की है, वो पाकिस्तान में अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहता है। वहीं शाहिद यूसुफ उसकी पहली पत्नी का बेटा है। यूनाइटेड नेशंस ने सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी घोषित किया हुआ है। सलाहुद्दीन पर भारत में कई आतंकी हमलों की साजिश रचने के आरोप हैं। पिछले साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के पीछे भी सलाहुद्दीन का हाथ होने की बात कही गई थी।












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