Delhi Meerut Expressway Toll Hike: 1 April से महंगा हुआ सफर, कितना देना पड़ रहा टोल?
Delhi Meerut Expressway Toll Hike: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर सफर करना लोगों को महंगा पड़ेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स बढ़ा दिया है। यह बढ़ोत्तरी 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो गई है। इस कदम से व्यस्त दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस पर यात्रा करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ा है।
दरअसल, NHAI वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल में औसत 5% की वार्षिक बढ़ोतरी की गई है। जिसके तहत हल्के मोटर वाहनों कार, जीप, वैन से लेकर बसों, ट्रकों के अलावा बड़े वाहनों तक, सभी कैटेगरी के लिए टोल रेट बढ़ा दी गई है।

NHAI ने यात्रियों को आरामदायक और बाधारहित यात्रा के लिए FASTag जैसे डिजिटल भुगतान विकल्पों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जो टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने में सहायक है। अधिकांश हाईवे पर FASTag पहले से ही अनिवार्य होने के कारण, वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकते हैं, जिससे यातायात की भीड़ और यात्रा के समय में कमी आती है।
Delhi Meerut Expressway: कितना बढ़ जाएगा टोल टैक्स?
- नए आदेश के अनुसार, हल्के मोटर वाहनों (कार, जीप, वैन) के लिए एक तरफा यात्रा अब ₹170 के बजाय ₹175 होगी, जबकि वापसी का शुल्क ₹255 से बढ़कर ₹265 हो गया है।
- हल्के कमर्शियल वाहनों और मिनी बसों के लिए एकतरफा टोल ₹275 से बढ़कर ₹285 और वापसी यात्रा लगभग ₹410 से बढ़कर ₹425 हो गया है।
- इंदिरापुरम से मेरठ तक हल्के वाहनों के लिए, एक तरफ यात्रा ₹115 की बजाय ₹120 और वापसी यात्रा ₹175 की तुलना में ₹189 हो गया है।
- बसों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के लिए भी श्रेणी और धुरी की संख्या के आधार पर टोल दरों में वृद्धि की गई है, जिससे वे सभी इस संशोधन के दायरे में आएंगे।
Delhi Meerut Expressway के टोल प्लाजा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कई महत्वपूर्ण एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से जुड़ा है, जिनमें सराय काले खां, इंदिरापुरम, दुंदाहेड़ा, डासना, रसूलपुर, सिकरोद, भोजपुर और काशी टोल प्लाजा शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर 1 अप्रैल से संशोधित टोल दरें प्रभावी हो गई है।
Smart Monitoring System से नहीं होगी अवैध टोल वसूली
प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर स्मार्ट मानीटरिंग सिस्टम के तहत कैमरे लगाए गए हैं। ये एडवांस सिस्टम वाहनों की आवाजाही को ट्रैक करते हैं और तय की गई दूरी के आधार पर सटीक टोल टैक्स को कैलकुलेट करते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि टोल कैलकुलेशन सही हो, यातायात की निगरानी बेहतर हो और मानवीय त्रुटियों की संभावना न्यूनतम रहे।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट तक की गई हैं। उत्तर प्रदेश के खंडों में अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा है, जबकि दिल्ली के क्षेत्रों में यह 70 किमी/घंटा है। चालकों को सलाह दी जाती है कि वे जुर्माने से बचने और एक सुरक्षित यात्रा अनुभव के लिए इन सीमाओं का सख्ती से पालन करें।












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