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स्वामी रामदेव की याचिका को डीएमए ने SC में दी चुनौती, कहा- रामदेव को किसी भी कीमत पर राहत न दी जाए

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर बाबा रामदेव की उस याचिका का विरोध किया जिसमें उन्होंने कहा था कि एलोपैथी पर की कई कथित बयानबाजी को लेकर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में कार्यवाही को रोका जाए
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नई दिल्ली, 4 जुलाई। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर बाबा रामदेव की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें रामदेव ने कहा है कि COVID-19 महामारी के दौरान एलोपैथिक दवाओं के उपयोग के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी पर दर्ज कई एफआईआर के संबंध में कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। रामदेव की याचिका का विरोध करते हुए आईएमए ने कहा कि रामदेव ने एलोपैथी का अपमान किया और लोगों को टीके और कोरोना प्रोटोकॉल की अवहेलना करने के लिए उकसाया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्‍यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने रामदेव को कहा था कि जो कुछ भी उन्होंने एलोपैथी और डॉक्टरों के लिए कहा है, उसे अदालत में दाखिल करें।

Baba Ramdev

एलोपैथी की छवि खराब करके कोरोनिल को प्रमोट किया
दिल्ली के 15000 डॉक्टरों के दल वाले आईएमए ने कोर्ट से कहा कि रामदेव ने एलोपैथी का अपमान करके और उसके खिलाफ लोगों के बीच गलत बयानबाजी कर अपनी कोरोनिल दवा को प्रमोट किया और इसे बेचकर पतंजलि ने 1 हजार करोड़ रुपए कमाए, जबकि इस दवा को चिकिस्ता निकायों द्वारा मंजूरी भी नहीं दी गई थी।

यह भी पढ़ें: आईएमए ने कहा कोरोनिल दवा नहीं है, पतंजलि की दवा को कोविड 19 किट में जोड़ने के प्रस्‍ताव का किया विरोध

एक मामले में एक पक्ष के रूप में हस्तक्षेप करने की मांग करने वाली याचिका वकील आशीष कोठारी के माध्यम से दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि कोरोनिल को बेचने के लिए एक भ्रामक अभियान शुरू किया गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि इसे ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अनुमोदित और प्रमाणित किया गया है। याचिका में कहा गया है कि कोरोनिल की मांग इतनी अधिक थी कि पतंजलि हर दिन कोरोनिल के लगभग 10 लाख पैक बेच रहा था। अकेले कोरोनिल/कोरोनिल किट की बिक्री से पतंजलि को लगभग 1 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।

योग गुरु के चोले में एक व्यापारी हैं रामदेव
वहीं, डीएमए ने कहा कि बाबा रामदेव योग गुरु के रूप में एक व्यापारी है और उसके पास आयुर्वेद का अभ्यास करने और दवाएं लिखने के लिए कोई डिग्री या लाइसेंस नहीं है। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा पद्दति एलोपैथी विज्ञान को तमाशा बताया और उसे बेवकूफ विज्ञान कहा। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर कोरोना का इलाज कर रहे हैं वह कुछ नहीं जानते। उन्होंने कहा कि वह इन क्वालिफाइड डॉक्टरों से बेहतर डॉक्टर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो डॉक्टर आपको वैक्सीन लगा रहे थे वो अपने आपको भी नहीं बचा सके।

डीएमए ने कहा कि कोरोनिल किट को बेचने के लिए उन्होंने एलोपैथी का अपना करने की कहानी रची। डीएमए ने कोर्ट से कहा कि रामदेव को कोई राहत न दी जाए और उनके खिलाफ जो एफआईआर दर्ज हुई हैं उनपर उनसे जवाब मांगा जाए। बता दें कि आईएमए ने पटना और रायपुर में एलोपैथी का अपमान करने के लिए रामदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

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English summary
Delhi Medical Assoc opposes Ramdev's plea in Supreme court
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