दिल्ली: प्राइवेट कॉलेज की फीस जमा करने के लिए 8 साल के मासूम को अगवा कर मौत के घाट उतारा
नई दिल्ली। देश की राजधानी में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां आठ साल के मासूम बच्चे का अपहरण करके उसे मौत के घाट उतार दिया गया। यह घटना दिल्ली के किरारी इलाके का है, जहां पड़ोसी ने बच्चे को अगवा कर लिया था और बच्चे पिता से 25 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी, बावजूद इसके कि परिवार वाले फिरौती की रकम देने के लिए तैयार था, आरोपी ने बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान गौतम नाम के व्यक्ति के रूप में हुई है, जिसने 23 जुलाई को बच्चे को मारकर नाले में फेंक दिया।

फीस जमा करने के लिए किडनैपिंग
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने फिरौती के पैसे वोकेशनल एजूकेशन के लिए मांगे थे, जिससे कि वह प्राइवेट संस्थान की फीस जमा कर सके, ताकि यहां से पढ़ाई करने के बाद वह अच्छी नौकरी पा सके। पुलिस ने बताया कि गौतम नाले के पास काफी तीन से चार घंटे तक रुका था, ताकि वह इस बात की पुष्टि कर सके बच्चा डूब गया। जिसके बाद उसने खुद बच्चे के घरवालों और पुलिस के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू करने का ड्रामा किया। दरअसल आरोपी पुलिस की जांच से पुरी तरह से अपडेट रहना चाहता था। ताकि अगर पुलिस को बच्चे की जानकारी मिले और उसका खुलासा हो तो वह आसानी से फरार हो सके।
दो दिन बाद मिला शव
दो दिन बाद बच्चे का शव 25 जुलाई को नाले से बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बच्चे के पिता को गौतम नाम के व्यक्ति से फिरौती के लिए फोन किया गया था। फिरौती मांगने वाले ने कहा था कि उसका बेटा जिंदा है, जो शव उसे मिला है वह उसके बेटे का नहीं है। पिता को 26 जुलाई को पहला फोन फिरौती के लिए आया था, जब उनके बेटे की ऑटोस्पी संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में चल रही थी। अडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस राजीव रंजन ने बताया कि पिता फिरौती की रकम देने के लिए तैयार हो गए थे बावजूद इसके कोई भी पैसा लेने के लिए नहीं आया।
फिरौती की कॉल से पहले ही हो चुकी थी मौत
पुलिस ने बताया कि बच्चे की हत्या के तुरंत बाद ही गौतम परिवार को फोन करना चाहता था, लेकिन फर्जी फोन और सिम कार्ड का इंतजाम करने में उसे तीन दिन लग गए। वह जानता था कि फिरौती का कॉल करने से पहले बच्चे की मौत हो चुकी है, लिहाजा पुलिस और परिवार बच्चे की डूब नाले में डूब जाने से मौत का मामला समझ रही थी। बच्चा 23 जुलाई की रात 9 बजे से लापता था। बता दें कि बच्चे के पिता हैदराबाद में व्यापारी हैं। जब वह बच्चे को तलाश नहीं कर सके तो परिवार के लोगों ने अमन विहार पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराई।
गुनाह कबूला
डिसीपी क्राइम जॉय तिरके ने बताया कि बच्चे का शव घर से तकरीबन एक किलोमीटर दूर सूखे नाले में मिला। चूंकि फिरौती मांगने वाले को यह पता था कि बच्चे का पिता मॉर्चरी में है, लिहाजा हमने परिवार के ही किसी सदस्य पर शक हुआ। फोन करने वाले किडनैपर की जब हमने कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि पड़ोस में रहने वाले गौतम ने ही फोन किया था। पूछताछ के दौरान गौतम ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। गौतम ने बताया कि उसे प्राइवेट इंस्टिट्यूट में पढ़ने के लिए पैसा चाहिए था। 2018 में उसने कथित रूप से पड़ोसी के घर से चोरी की थी और वह पकड़ा गया था। मामला स्थानीय पुलिस के पास पहुंचा था, लेकिन परिवार ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।












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