क्वारंटाइन इंक से कांग्रेस नेता के हाथ का हुआ बुरा हाल, अब दिल्ली एयरपोर्ट ने बदली स्याही
नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण के बीच कुछ देशों के लिए अंतरराष्ट्रयी उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया गया है। विदेश से आने वाले यात्रियों के हाथों पर एयरपोर्ट अधिकारी क्वारंटाइन मुहर लगा रहे हैं। अब खबर आई है कि कांग्रेस नेता मधु गौड़ याक्षी (Madhu goud Yaskhi) ने मुहर की स्याही में इस्तेमाल कैमिकल के कारण दर्द और खुजली की शिकायत की है। उन्होंने अपने हाथ की दो तस्वीरें ट्विटर पर भी शेयर की हैं। जिसमें देखा जा सकता है कि स्याही की वजह से उनके हाथ पर इन्फेक्शन हो गया है। याक्षी की शिकायत के बाद अब नई इंक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

एक अधिकारी ने कहा, 'शिकायत के बाद अधिकारियों ने अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के हाथ पर मुहर लगाने के लिए स्याही के नए बैच का उपयोग करना शुरू कर दिया है।' नियमों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय उड़ान वाले यात्रियों को सात दिन के इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन का पालन करना होता है। इसके बाद अगले सात दिनों के लिए उन्हें घर पर क्वारंटाइन रहना होता है। हालांकि इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन से उन लोगों को छूट जी जाती है जिनके पास कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट होती है और टेस्ट 96 घंटे से ज्यादा पुराना नहीं होता। वहीं जिन लोगों को घर पर क्वारंटाइन के लिए कहा जाता है, उनके हाथों पर दिल्ली हवाईअड्डे से रवाना होते वक्त होम क्वारंटाइन की मुहर लगाई जाती है।
बता दें कांग्रेस नेता मधु गौड़ याक्षी राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता हैं। उन्होंने हाथों की तस्वीर ट्वीट करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से रविवार को कहा, 'हरदीप सिंह पुरी, क्या आप दिल्ली हवाईअड्डे पर विदेश से आने वाले यात्रियों के हाथों में लगने वाले मुहर में जो केमिकल इस्तेमाल होता है, उसपर ध्यान देंगे? कल दिल्ली हवाईअड्डे पर मेरे हाथ पर मुहर लगाई गई और अब देखिए क्या हालत हो गई है।' इसके जवाब में हरदीप सिंह पुरी ने कहा है, 'मेरा ध्यान इस ओर आकृष्ट करने के लिए धन्यवाद। मैं इसपर (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) एएआई के सीएमडी से बात करूंगा।'
वहीं दिल्ली हवाईअड्डे की ओर से कहा गया है, 'हमें इस असुविधा के लिए गहरा खेद है। मुहर के लिए उपयोग की जाने वाली ये स्टैंडर्ड इनएडिबल इंक है। हमने दिल्ली राज्य प्राधिकरण को इसकी सूचना दी है।' अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली पहुंचने वाले घरेलू यात्रियों को भी नियमानुसार सात दिनों के होम क्वारंटाइन से गुजरना पड़ता है, लेकिन उनके हाथों पर मुहर नहीं लगती है।
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