JNUSU के पदाधिकारियों को दिल्ली हाईकोर्ट की नोटिस, 20 तारीख तक मांगा जवाब
नई दिल्ली। जेएनयू ने दिल्ली उच्च न्यायालय में दावा किया कि प्रशासनिक ब्लॉक के 100 मीटर के भीतर विरोध प्रदर्शन न करने के लिए छात्रों के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। बता दें कि छात्र जेएनयू में अटेंडेंस के मुद्दे पर जेएनयू प्रशासन के खिलाफ आंदोलनरत हैं। के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेएनयूएसयू के पदाधिकारियों को न्यायालय के फैसले का उल्लंघन करने के लिए विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के लिए एक याचिका पर नोटिस जारी किया। अदालत ने 20 फरवरी तक जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में जेएनयू प्रशासन दिल्ली पुलिस की मदद ले सकता है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों को निर्देश दिया कि वे उप-कुलपति और अन्य कर्मचारियों को अपना काम पूरा करने के लिए प्रशासनिक ब्लॉक में प्रवेश करने से ना रोकें।बता दें कि जेएनयू ने दावा किया कि विश्वविद्यालय के परिसर में चल रहे विरोध प्रदर्शन उच्च न्यायालय के 9 अगस्त, 2017 के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन है कारण छात्रों को प्रशासनिक ब्लॉक के 100 मीटर के भीतर कोई भी आंदोलन नहीं करने का आदेश दिया गया था।
विश्वविद्यालय ने कहा था कि जेएनयू स्टाफ और स्टूडेंट्स यूनियन (जेएनयूएसयू) के नेताओं को शैक्षिक नियमों और विनियमों के अनुसार प्रशासनिक ब्लॉक और शैक्षणिक परिसरों के 200 मीटर के भीतर विरोध नहीं करने को कहा जाएगा। उच्च न्यायालय ने जेएनयू की याचिका पर यह कहते हुए अंतरिम आदेश पारित किया कि प्रशासनिक ब्लॉक के पास प्रदर्शनकारी दिन-प्रतिदिन के कामकाज में बाधा पैदा कर रहे थे। छात्रों ने कल प्रशासनिक ब्लॉक को अवरुद्ध कर दिया था ताकि अनिवार्य उपस्थिति के मुद्दे पर कुलपति के साथ बैठक की मांग की जा सकें।












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