निर्भया के दोषी पवन कुमार गुप्ता की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में खारिज
नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप-हत्या मामले में दोषी पवन कुमार गुप्ता की खुद तो नाबालिग बताने की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका में दावा किया गया था कि वह 2012 में अपराध के समय किशोर था इसलिए किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत फैसला सुनाया जाना चाहिए। इस पर सुनवाई करते हुए आज अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी है।
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इसके पहले, दोषी के वकील एपी सिंह ने दस्तावेज पेश करने के लिए कोर्ट से और वक्त मांगा था जिसके बाद कोर्ट ने 24 जनवरी तक के लिए इस मामले की सुनवाई टाल दी थी। दोषी पवन की याचिका पर आज न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत की पीठ ने सुनवाई शुरू की। इस याचिका में पवन कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि जांच अधिकारी ने उसकी उम्र का पता लगाने के लिए हड्डियों संबंधी जांच नहीं की थी।
दोषी के वकील ने कहा कि इस मुद्दे को मामले के अंतिम निपटारे के बाद भी उठाया जा सकता है। दोषी के वकील ने जुवेनाइल जस्टिस कानून के तहत छूट का दावा किया और कहा कि इस कानून की धारा 7ए में प्रावधान है कि नाबालिग होने का दावा किसी भी अदालत में किया जा सकता है। इस संबंध में वकील एपी सिंह ने दस्तावेज पेश करने के लिए और वक्त मांगा। लेकिन निर्भया के वकील की तरफ से लगातार विरोध किया जाता रहा, जिसके बाद कोर्ट ने अपना आदेश वापस ले लिया।
बता दें कि पवन को निर्भया गैंगरेप-मर्डर केस में 3 अन्य के साथ मौत की सजा सुनाई गई है और वह तिहाड़ जेल में बंद है। निर्भया केस में चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इस मामले में चार में से एक दोषी अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।












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