शरद यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, 15 दिन में खाली करना होगा सरकारी बंगला
शरद यादव को हाईकोर्ट से झटका, सरकारी बंगला खाली करना होगा
नई दिल्ली, 15 मार्च: दिल्ली उच्च न्यायालय ने लोकतांत्रिक जनता दल प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव को सांसद रहते दिल्ली में अलॉट हुए सरकारी बंगले को 15 दिनों के भीतर खाली करने को कहा है। शरद यादव को 2017 में राज्यसभा सांसद के तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हालांकि इसके बाद भी वो सरकारी बंगले में ही रहे रहे हैं। केंद्र सरकार की अर्जी पर कोर्ट ने ये फैसला दिया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने मंगलवार को कहा कि शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए चार साल से भी ऊपर का वक्त हो गया है। ऐसे में उनके लिए सरकारी आवास बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है। उनको बंगला 15 दिन में खाली करना होगा।
शरद यादव दिल्ली के 7 तुगलक रोड पर स्थित सरकारी बंगले में रह रहे हैं। जो अब उनको खाली करना होगा। यह बंगला केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस को आवंटित हो चुका है, शरद यादव के बाद वो इस बंगले में शिफ्ट होंगे।
2017 में हुए थे नीतीश कुमार से अलग
बिहार में 207 में जब नीतीश कुमार ने जब राजद को छोड़कर भाजपा के साथ सरकार बनाने का फैसला किया था त शरद यादव ने उनसे अलग रास्ता अख्तियार कर लिया था। ऐसे में जेडीयू ने उनको पार्टी से निकाल दिया था और उनको राज्यसभा सदस्य के तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया था। शरद यादव इसके खिलाफ कोर्ट चले गए और कोर्ट से उनको बंगले में रहने की इजाजत मिल गई। केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकारी बंगला खाली करने पर लगी रोक हटाने के लिए अर्जी दी थी। जिसके बाद अब उनको बंगला खाली करना होगा।
74 साल के शरद यादव का शुमार देश के सबसे सीनियर नेताओं में किया जाता है। वो कई बार लोकसभा और राज्य सभा के सांसद रहे हैं और केंद्र में मंत्री भी रहे हैं। वो जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष भी रहे हैं। शरद लंबे समय से बीमार हैं, ऐसे में वो राजनीति में बहुत सक्रिय नहीं हैं।












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