पॉल्यूशन को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार ने तैयार की नई तकनीक, IIT का लिया सहयोग

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बहुत गंभीर है और दिल्ली सरकार इस समस्या से निपटने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसी स्थान पर वास्तविक समय में प्रदूषण के स्रोत को पता लगाने के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली और टेरी से संपर्क साधा है। सरकार का कहना है कि हम इन संस्थानों के साथ मिलकर किसी भी स्थान पर पॉल्यूशन के स्रोत का पता लगाएंगे और फिर सरकार उस स्रोत के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

Arvind kejriwal

कैबिनेट से मंजूरी के बाद तकनीक पर काम हो जाएगा शुरू

जानकारी के मुताबिक, आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली और टेरी ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी का अविष्कार भी कर लिया है, जिसकी प्रजेंटेशन अरविंद केजरीवाल के समक्ष रख दी गई है। सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार इस तकनीक को दिल्ली में लागू करने के लिए तीनों के साथ मिल कर काम करेगी। अगर हमें वास्तविक समय के आधार पर प्रदूषण के स्रोत का पता चल जाएगा, तो यह हमें तत्काल कार्रवाई करने में मदद करेगा। अब इसका प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा और कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस तकनीक पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

कैसे काम करेगी ये तकनीक?

इस तकनीक के तहत दिल्ली के हॉटस्पॉट वाले इलाकों में सुपर साइट और मोबाइल साइट लगाए जाएंगे। दिल्ली सरकार देश की पहली सरकार होगी, जो एक वास्तविक समय में प्रदूषण के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। इस तकनीक से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि प्रदूषण में किन-किन चीजों का कितना योगदान है? उसमें वाहन, धूल और फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं आदि का कितना योगदान है, इससे पता चल सकेगा।

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