अरविंद केजरीवाल ने अपने पास क्यों नहीं रखा कोई मंत्रालय, बताई इसके पीछे की खास वजह
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैबिनेट सहयोगियों में विभागों का बंटवारा कर दिया है। तीन को छोड़कर पिछली सरकार में मंत्रियों को मिले विभागों में बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। पिछली सरकार में अपने पास रहे इकलौते जल विभाग को इस बार केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन को सौंप दिया है। खुद वे कोई विभाग नहीं रखेंगे। कोई मंत्रालय न रखने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की जनता मेरी प्राथमिकता है। जानिए और क्या कहा केजरीवाल ने

मुख्यमंत्री का काम अन्य मंत्रियों पर नजर रखने का होता है
अपने पास कोई मंत्रालय न रखने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की जनता मेरी प्राथमिकता है। दिल्ली के लोगों ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी दी है। मुझे सबसे पहले सभी वादे पूरे करने हैं और इसके बीच आ रही बाधाओं को हटाना है। बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद केजरीवाल ने कहा कि मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री का काम अन्य मंत्रियों पर नजर रखने का होता है। मुझे लगता है कि मुझे बड़े स्तर पर देखना चाहिए न कि छोटी चीजों में उलझे रहना चाहिए।

इन्हें दिया गया है ये मंत्रालय
केजरीवाल के नए मंत्रिमंडल में जल मंत्रालय सतेंद्र जैन को और पर्यावरण मंत्रालय गोपाल राय को दिया गया है। पार्टी के पिछले कार्यकाल में पर्यावरण मंत्रालय कैलाश गहलोत के पास था। इस बार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय राजेंद्र पाल गौतम को दिया गया है जबकि अन्य विभागों के मंत्री जस के तस हैं। गौरतलब है कि दिल्ली की जनता ने आप सरकार पर एक बार फिर भरोसा जताया है और विधानसभा चुनाव में जीत दिलाई है। पार्टी ने लोगों के सरकार में आने के बाद कई फ्री सेवाओं के वादे किए हैं।

आम आदमी पार्टी के मिली 70 में से 62 सीटें
बता दें कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में आम आदमी पार्टी को 62 सीटें मिली हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी सिर्फ 8 सीटों पर सिमटकर रह गई। दूसरी तरफ कांग्रेस का एक बार फिर सूपड़ा साफ हो गया और वह कोई भी सीट नहीं जीत सकी। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की यह हैट्रिक है और उसने दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। हालांकि आम आदमी पार्टी को 2015 के मुकाबले में 5 सीटों का नुकसान हुआ है, वहीं भारतीय जनता पार्टी को इतनी सीटों का फायदा हुआ है।












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