Delhi Chunav: बंगाल में डोल गया भतीजे का विश्वास, कांग्रेस की एंट्री पर ममता से अलग सुर में क्यों बोले अभिषेक?

Delhi Chunav Result impact: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक की रार के बीच बीजेपी को आम आदमी पार्टी (AAP)पर बहुत बड़ी जीत मिली तो इसके तमाम सहयोगी दलों में हड़कंप मच गया। दिल्ली में 'आप' को सक्रिय समर्थन देने वाले दलों में पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी (TMC)सबसे आगे थी। लेकिन, दिल्ली में 'आप'की करारी हार के बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी का विश्वास डांवाडोल होने लगा है।

दिल्ली चुनाव में इंडिया ब्लॉक (INDIA bloc) से दो पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में थीं- 'आप' और कांग्रेस। फिर भी एनडीए विरोधी इंडिया ब्लॉक की सारी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत अरविंद केजरीवाल की पार्टी 'आप' के समर्थन में ही झोंक रखी थी। सपा, तृणमूल, शिवसेना (यूबीटी) सब केजरीवाल के साथ थे। टीएमसी ने तो भाजपा से आए शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद जैसे अपने धुरंधरों को भी उतार दिया था, लेकिन फिर भी 'आप' को करारी हार से बचा नहीं पाए।

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Delhi Chunav Result News: ममता ने कांग्रेस को दूर से ही कह दिया था 'तोबा'

दिल्ली चुनाव नतीजे आने के कुछ ही समय बाद पार्टी विधायकों के साथ एक बैठक में तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने यही संदेश देने की कोशिश की थी कि दिल्ली का मामला अलग है, जहां भले ही कांग्रेस ने 'आप' का खेल खराब करने में मदद की हो, बंगाल में कांग्रेस की अपनी कोई जमीन नहीं बची है।

Delhi Chunav Result: बुआ ममता से अलग सुर में क्यों बोल रहे भतीजे अभिषेक?

लेकिन, तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के बाद नंबर दो की हैसियत रखने वाले उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी का विश्वास अब डोलता नजर आ रहा है। उन्होंने कांग्रेस को स्पष्ट तौर पर संदेश देने की कोशिश की है कि अगर पार्टी चाहे तो 2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी उसे भी साथ लेकर चल सकती है।

अपनी बुआ के विचारों से थोड़ी अलग लाइन लेते हुए टीएमसी सांसद ने अपने चुनाव क्षेत्र डायमंड हार्बर में आयोजित एक हेल्थ कैंप में कहा, 'बंगाल में हमने स्पष्ट तौर पर बताया है कि व्यापक हित में हम इंडिया ब्लॉक के साथ हैं। हालांकि, यदि कांग्रेस आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं खोजना चाहती या सीट बंटवारे में शामिल नहीं होना चाहती तो हम अकेले चुनाव लड़ेंगे...दीदी ने पहले ही साफ कर दिया है कि बंगाल में हम अकेले लड़ेंगे। इसमें कुछ नया नहीं है। हम 2014, 2016,2019 और 2024 में अकेले लड़े और जीते। इसलिए हम फिर ऐसा करेंगे।'

Delhi Chunav Result Impact: ममता के आत्मविश्वास पर अभिषेक को नहीं है भरोसा?

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार (8 फरवरी, 2025) को आए थे और बीते सोमवार ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के विधायकों से कहा था कि बंगाल में कांग्रेस इस स्थिति में नहीं है कि अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा का चुनाव जीतने में टीएमसी के सामने रुकावट डाल सके।

उनके मुताबिक, 'यहां पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कोई फैक्टर नहीं है। दिल्ली में कांग्रेस 'आप' की यात्रा रोक सकती है। लेकिन, यहां वो नहीं कर सकती। आने वाला विधानसभा चुनाव हम अकेले लड़ेंगे और हम दो-तिहाई से ज्यादा सीटें जीतेंगे....यहां कोई भी फैक्टर नहीं है और न ही हमारे वोट छीने जा सकते हैं। 2026 में हम आसानी से जीतेंगे।'

ममता ने कांग्रेस पर दिल्ली चुनाव में बीजेपी के खिलाफ 'आप' की मदद नहीं करने का आरोप लगाते हुए यहां तक कहा था कि 'दिल्ली में (आप के साथ) सीटों के तालमेल में कांग्रेस को ज्यादा लचीला होना चाहिए था। इसी तरह से हरियाणा में कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाने में 'आप'का रुख सख्त था। इसी का परिणाम हुआ कि बीजेपी हरियाणा और दिल्ली दोनों जीत गई।'

Delhi Chunav Result: 2024 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में टीएमसी ने कांग्रेस और लेफ्ट से नहीं किया था गठबंधन

कांग्रेस और वामपंथी दलों के इंडिया ब्लॉक में रहने के बावजूद 2024 के लोकसभा चुनावों में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में इन दोनों को अपने से दूर कर दिया था। तब तृणमूल ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 42 में से 29 सीटें जीत लीं और बीजेपी के खाते में सिर्फ 12 सीटें गईं और कांग्रेस को मात्र 1 सीट पर जीत मिली।

अभी-अभी इंडिया टुडे,सी-वोटर का मूड ऑफ द नेशन सर्वे भी आया है,जिसमें बंगाल के लिए संभावना जताई गई है कि अभी लोकसभा चुनाव होने पर टीएमसी का वोट शेयर कायम रहेगा और सीटों में कांग्रेस के पास बची एकमात्र सीट भी वह छीन सकती है।

Delhi Chunav Result: दिल्ली चुनाव में AAP और BJP के वोट शेयर में मामूली अंतर से घबरा गए TMC नेता?

लेकिन, जिस तरह से दिल्ली में चुनावी पंडितों की तमाम भविष्यवाणियों और 'आप' और उसके सहयोगियों के दावों को नकारते हुए बीजेपी ने इंडिया ब्लॉक की सियासी हवा खराब की है,उसके बाद अभिषेक बनर्जी के बयान से लगता है कि ममता की पार्टी भी कहीं न कहीं अंदर से असमंजस में दिख रही है।

हो सकता है कि ममता के भतीजे दिल्ली चुनाव में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के वोट शेयर में अंतर देखकर सहम गए हों। दिल्ली में बीजेपी और 'आप' के वोट शेयर में मात्र 1.99% का अंतर है। लेकिन, 70 सीटों में से बीजेपी (48) को आम आदमी पार्टी (22) से 26 सीटें ज्यादा मिली हैं।

Delhi Chunav Result Bengal Impact: बंगाल में कांग्रेस के वोट शेयर ने बढ़ाई ममता की पार्टी की टेंशन!

अगर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम देखें तो टीएमसी (290 सीटों पर लड़कर) को कुल 48.02% वोट पड़े थे, वहीं कांग्रेस (92) को 3.03% वोट मिले थे। बंगाल में तब भी कांग्रेस और लेफ्ट दलों का गठबंधन था। जबकि, बीजेपी (293) को 37.97% वोट मिले थे।

ऐसे में लगता है कि कांग्रेस का जनाधार बंगाल में भले ही मामूली रह गया हो, लेकिन दिल्ली में जिस तरह से वोट शेयर में मामूली अंतर से बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है, उससे टीएमसी नेता अभी से चौकन्ना हो गए हैं।

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