दिल्ली पुलिस बार काउंसिल चुनावों में मतपत्रों में हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रही है।
गुरुवार को पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय परिसर में चल रही बार काउंसिल चुनावों की मतगणना के दौरान कथित मतपत्रों की हेराफेरी से संबंधित एक मामला दर्ज किया है। एफआईआर में वरीयता मतदान प्रणाली में अनियमितताओं पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें कथित तौर पर एक विशिष्ट उम्मीदवार के पक्ष में कई मतपत्रों पर द्वितीय-वरीयता मतों में हेरफेर किया गया था।

एफआईआर के अनुसार, हेरफेर में मतपत्रों पर अंक 2 से पहले अंक 1 डालना शामिल था, जिससे वह 12 जैसा दिखे। फिर एक विशेष उम्मीदवार के खिलाफ 2 का एक नया अंक बनाया गया, जिससे मूल मतदाता की वरीयता बदल गई और लाभार्थी को अनुचित लाभ हुआ। यह कथित हेराफेरी 7 मार्च को शुरू हुई मतगणना प्रक्रिया के दौरान पाई गई, जो फरवरी में 23 सदस्य पदों के लिए हुए मतदान के बाद हुई थी।
चुनाव समिति द्वारा की गई आंतरिक जांच में इन विसंगतियों को उजागर किया गया और मतगणना कर्मचारियों के एक सदस्य की संलिप्तता की ओर इशारा किया गया। परिणामस्वरूप, पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। इस शिकायत के आधार पर, धोखाधड़ी, जालसाजी और संबंधित अपराधों से संबंधित धाराओं के तहत तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मतगणना प्रक्रिया में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली है और जांच कर रही है कि क्या अन्य लोग भी कथित हेरफेर में शामिल थे। संबंधित मतपत्रों को सुरक्षित कर लिया गया है और चल रही जांच का हिस्सा होंगे।
चुनाव और जांच का विवरण
बार काउंसिल चुनावों में 23 सदस्य पदों के लिए 200 से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था। कथित अनियमितताएं मतगणना प्रक्रिया के दौरान सामने आईं, जिससे चुनाव समिति और कानून प्रवर्तन एजेंसियों दोनों द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का ध्यान चुनावी अखंडता बनाए रखने के लिए गहन जांच सुनिश्चित करने पर है। इस जांच के परिणाम भविष्य के चुनावों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक किसी भी आगे की कार्रवाई या सुधारों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होंगे।
With inputs from PTI












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