'दिल्ली ने महाराष्ट्र की पीठ में छुरा घोंपा, जब मैं अस्पताल में था तब तख्तापलट की योजना बनाई'
महाराष्ट्र में तख्तापलट और नई सरकार बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। प्रदेश में सत्ता गंवाने के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनके साथ विश्वासघात किया गया।
मुंबई, 26 जुलाई : महाराष्ट्र में तख्तापलट और नई सरकार बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। प्रदेश में सत्ता गंवाने के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनके साथ विश्वासघात किया गया। कहा कि जब मैं अस्पताल में भर्ती था, तब तख्तापलट की योजना बनाई गई। जब मैं मुश्किल दौर से गुजर रहा था तब मेरे साथ धोखा किया गया। उन्होंने पार्टी के मुखपत्र 'सामाना' को दिए पहले इंटरव्यू में यह बात कही।

'ऐसे बनाई तख्तापलट की योजना'
उद्धव ठाकरे ने सामना को बताया कि तख्तापलट की योजना तब बनाई गई थी, जब मैं अस्पताल में भर्ती था और मुश्किल से चल पाता था। जब मेरा शरीर हिल नहीं पा रहा था, तब दिल्ली की हरकतें चरम पर थीं।
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'शिंदे की महत्वाकांक्षाएं शैतानी'
उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि जून में शिवसेना के दो-तिहाई से अधिक विधायकों में शामिल हो गए थे, जिसके परिणामस्वरूप शिवसेना बनाम शिवसेना की लड़ाई हुई। भले ही मैंने उन्हें सीएम बनाया हो, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाएं शैतानी हैं।

'पेड़ छोड़कर भाग गए लोग'
उद्धव ठाकरे ने शिंदे गुट पर हमला करते हुए कहा कि सड़ी हुईं पत्तियां पेड़ से गिर जाती हैं, और जिनलोगों को पेड़ से सबकुछ मिला, वे लोग पेड़ ही छोड़कर भाग गए। साथ ही शिंदे गुट से बाल ठाकरे के नाम पर वोट नहीं मांगने को कहा।

'अपनी मां को निगलना चाहता'
उन्होंने आगे कहा को वही लोग यहां से गए जिन्हें सबसे ज्यादा मिला। सबकुछ मिलने के बाद भी यहां से चले गए। लेकिन हम अब असाधारण नेताओं को आम लोगों से बाहर कर देंगे। ये लोग अब अपनी मां (ऑरिजनल शिवसेना) को निगलना चाहते हैं लेकिन एक मां आखिर मां होती है।

'हिंदुओं की एकता को तोड़ने की कोशिश'
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली ने महाराष्ट्र की पीठ में छुरा घोंपा है। वे उन्हें खत्म करने वाले हैं, जिन्होंने उनकी देखभाल की। शिवसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि कुछ लोग हिंदुओं की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे शिवसेना को खत्म करना चाहते हैं क्योंकि वे हिंदुत्व में एक और साथी नहीं चाहते हैं। वे ठाकरे को शिवसेना से अलग करना चाहते हैं।
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