सैंपल लेने से मिलावटी मिठाइयों की बिक्री कहां रुकने वाली है, ऐसे करें टेस्ट
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार छापे मार रही है लेकिन वह कार्रवाई नहीं कर सकती क्योंकि सैंपल का रिपोर्ट आने में एक महीना लगेगा तब तक अधिकारी कार्रवाई नहीं कर सकते हैं।
नई दिल्ली। दीपावली पर मिठाइयों की अधिक मांग को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। वह तरह-तरह के तरीकों का प्रयोग कर दूध सहित खोया में मिलावट कर रहे हैं। बाजार में भी मिलावटी खोया से मिठाई तैयार कर बेची जा रही है। संबंधित विभाग की ओर से छापेमारी तो की जा रही है लेकिन इसके बाद भी मिलावटखोर सक्रिय हैं। विभाग सैंपल लेता है और रिपोर्ट आने का इंतजार करता है तब तक मुनाफाखोर मोटी कमाई कर चुके होते है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार छापे मार रही है लेकिन वह कार्रवाई नहीं कर सकती क्योंकि सैंपल का रिपोर्ट आने में एक महीना लगेगा तब तक अधिकारी कार्रवाई नहीं कर सकते हैं।
राजस्थना में भी मिलावटी मिठाइयों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। श्रीगंगानगर के खाद्य पदार्थ सैंपलिंग टीम के एक अधिकारी के मुताबिक जो सैंपल लिए गए है उनके रिपोर्ट आने में एक महीने का वक्त लग सकता है। इगर सैंसप में कुछ हानिकारक पाया जाता है तब तो कार्रवाई का प्रावधान है। अन्यथा कोई कार्रवाई नहीं होगी। मिठाइयों की ब्रिकी रोकी भी नहीं जा सकती है।
ऐसे करें मिलावटी मिठाई की पहचान
बाजार में इन दिनों मुनाफाखोर लोगों के स्वास्थ्य से खेलने के लिए अपना जाल बिछा चुके हैं। दुकानों पर सजी मिठाईयां देखकर लोगों के मुंह में पानी आ रहा है। इनको खरीदते समय थोड़ी सावधानी बरतना जरुरी है। इसके लिए आपको कुछ ज्यादा तामझाम की जरुरत नहीं हैं। सामान्य तौर-तरीके से ही असली और मिलावटी की पहचान हो जाएगी। दूध को सूंघने पर उसमें साबुन की गंध आएगी। एक दो बूंद पीने से भी पता चल जाएगा। मिलावटी दूध का स्वाद फीका और कड़वा होगा। इसको गर्म किया जाए तो इसका रंग पीला पड़ जाएगा।












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