Defence News: पाकिस्तान की नींद उड़ाने आया भारत का नया जेट ड्रोन ‘RV लक्ष्य', 500km/h की स्पीड!
Defence News: हैदराबाद स्थित रघु वामसी एयरोस्पेस समूह के डीप-टेक डिवीजन आरोबोट ने भारत का एक नया और पूरी तरह स्वदेशी जेट-पावर्ड टारगेट ड्रोन 'आरवी लक्ष्य' पेश किया है। इस ड्रोन को खास तौर पर एडवांस वेपन सिस्सम के टेस्टिंग और ट्रेनिंग के लिए डिजाइन किया गया है। इसका काम दुश्मन के तेज रफ्तार हवाई खतरों जैसे फाइटर जेट, मिसाइल या ड्रोन का वास्तविक माहौल तैयार करना है, ताकि भारतीय सेनाएं अपने एयर डिफेंस सिस्टम को बेहतर तरीके से परख सकें।
शक्तिशाली जेट इंजन और 500 किमी/घंटा की रफ्तार
आरवी लक्ष्य में इंडीजीनियस इंद्र RV19 माइक्रो टर्बोजेट इंजन लगाया गया है। यह इंजन 190 न्यूटन (19 किलोग्राम-फोर्स) का थ्रस्ट पैदा करता है। इसी दमदार इंजन की वजह से यह ड्रोन 500 किमी प्रति घंटे तक की तेज रफ्तार हासिल कर सकता है। इतनी स्पीड पर उड़ने वाला ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बिल्कुल रियल थ्रेट प्रोफाइल बनाता है, जिससे मिसाइल और रडार सिस्टम की सटीक जांच संभव होती है।

पूरी तरह ऑटोनॉमस, दिन-रात मिशन में सक्षम
कंपनी के मुताबिक, आरवी लक्ष्य पूरी तरह स्वायत्त (ऑटोनॉमस) तरीके से काम करता है। इसमें पहले से तय फ्लाइट पाथ और वेपॉइंट्स डाले जा सकते हैं, जिससे यह बिना पायलट के मिशन पूरा करता है। यह ड्रोन दिन और रात दोनों समय उड़ान भर सकता है। इसकी 10 से 20 किलोमीटर की एंगेजमेंट रेंज इसे शॉर्ट और मीडियम रेंज सिमुलेशन के लिए आदर्श बनाती है। लॉन्च के लिए कैटापुल्ट सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जबकि लैंडिंग के समय पैराशूट रिकवरी सिस्टम लगाया गया है, जिससे ड्रोन सुरक्षित वापस आ जाता है और बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे लागत भी कम होती है।
किन हथियारों और सिस्टम की टेस्टिंग में होगा इस्तेमाल
आरवी लक्ष्य का उपयोग कई तरह के हथियारों और सेंसर सिस्टम की जांच के लिए किया जा सकता है। इसमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, बंदूकें, एंटी-यूएएस काउंटरमेजर्स, रडार सिस्टम, और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड (EO/IR) पेलोड शामिल हैं। यानी यह ड्रोन भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के लिए एक मल्टी-यूज़ टेस्ट प्लेटफॉर्म बन सकता है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
आरवी लक्ष्य, रघु वामसी एयरोस्पेस के 100% स्वदेशी ऑटोमैटिक सिस्टम पोर्टफोलियो का हिस्सा है और यह आरवी अस्त्र कामिकेज़ मिसाइल जैसे प्लेटफॉर्म को भी सपोर्ट करता है। इस ड्रोन के आने से भारत की आयातित टारगेट ड्रोन पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, बढ़ते ड्रोन और मिसाइल खतरों के दौर में भारतीय सशस्त्र बलों को ज्यादा रियल और एडवांस ट्रेनिंग मिल सकेगी। कुल मिलाकर, आरवी लक्ष्य भारत की डिफेंस टेक्नोलॉजी और आत्मनिर्भर भारत मिशन को नई मजबूती देता है।
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