'नमस्ते' के बहाने चीन को सबक सिखाने की रणनीति बना आईं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद निर्मला सीतारमण ने पहली बार भारत-चीन बॉर्डर का दौरा किया। इस दौरे के मायने को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। सीमा पर चीन जिस तरह से तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है और डोकलाम का जिन्न एक बार फिर लौटा है, उसे देखते हुए रक्षा मंत्री ने महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडियन आर्मी चीन की सलामी स्लाइसिंग से लड़ने के लिए अपनी तरफ से रणनीति तैयार कर रही है।

सीमा पर डेवलपमेंट को फिर से शुरू किया जाए
भारत की सीमा चीन के साथ 4,057 किमी लंबी है। इस सीमा पर सड़क समेत कई इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम कई सालों से रुका पड़ा है। यही कारण है कि इसका फायदा उठाते हुए चीन सीमा पर अपनी हलचल करते हुए अक्सर दिखाई देता हुए। इस दौरे के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीमा पर रुके हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर को फिर से डेवलप करने पर जोर दिया है।

भारत के लचर इन्फ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाता चीन
सीमा पर भारत का लचर और धीमा इन्फ्रास्ट्रक्चर होने की वजह से ही आज चीन ने वहां रेल, हाईवे, मेटल-टॉर रोड, एयरबेस, रडार, लॉजिस्टिक्स हब्स और कई तरह के इन्फ्रास्ट्रक्चर का जाल बिछा दिया है। इसके अलावा पूरे तिब्बत में चीन ने जबरदस्त इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर दिया है। तिब्बत हथियाने के बाद करीब 30 डीविजन में पांच से छह 'रैपिड रिएक्शन फोर्सेस' को भी तैनात किया गया है।

सीमा पर भारत को अभी बहुत काम करना बाकि
चीन के साथ कैच-अप गेम खेलने में भारत फंस गया है। उदाहरण के लिए LAC (Line of Actual Control) पर पिछले 15 सालों में कुल 73 में से अब तक सिर्फ 27 स्ट्रैटेजिक 'ऑल-वेदर रोड' का निर्माण कर पाया है। यानि, कुल 4,643 में से अब तक सिर्फ 963 किमी काम हुआ है। इसके अलावा, लंबे समय से प्रस्तावित पश्चिमी और पूर्वी मोर्चों के लिए 14 "रणनीतिक रेलवे लाइनों" का निर्माण अभी तक यहां शुरू नहीं हुआ है।

क्या है सलामी स्लाइसिंग
'सलामी स्लाइसिंग', यानी धीरे-धीरे भूभाग पर कब्जा करना, और दूसरे की सहने की क्षमता को परखना। एक देश जो अपने ताकत का प्रदर्शन करने के लिए अपने सेनाओं का इस्तेमाल कर पड़ोसी देशों की जमीन पर कब्जा करता है। इन पॉलिसी के अनुसार, जमीन हथियाने के लिए सेनाएं छोटे स्तर पर एक ऑपरेशन को अंजाम देती है। कई बार यह पॉलिसी युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर देता है। चीन जैसा देश इस प्रकार की हरकत ना सिर्फ भू-भाग पर कब्जा करता है, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर अपनी रणनीति का प्रदर्शन करने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपनाती है।
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