गुजरात में मोदी का सपना पूरा करने के लिए चुनी गई हिमाचल की जबना
राज्य की सबसे कम उम्र की ग्राम प्रधान जबना चौहान ने अपने पंचायत क्षेत्र में शराबबंदी लागू करवाकर एक मिसाल कायम की है। अब वे गुजरात में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में शराबबंदी को प्रोत्साहित करेंगी।
शिमला। एक कहावत है कि अगर हौसले बुलंद हो तो मंजिल मिल ही जाती है। यह कहावत हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की सबसे कम उम्र की ग्राम प्रधान जबना चौहान पर पूरी तरह खरी उतरती है। कल तक जबना चौहान को कोई नहीं जानता था। आज वो एकदम से सुर्खियों में आ गई हैं क्योंकि जबना चौहान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में स्वच्छता व शराबबंदी का संदेश फैलाने के लिये चुना गया है।
जबना चौहान हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज हल्के की थरजूण ग्राम पंचायत की प्रधान हैं। जबना चौहान ने 22 साल की उम्र में जब चुनाव लड़ा था तब उन्होंने यही सोचा था कि वो प्रधान बन कर अपनी पंचायत को प्रदेश के समक्ष एक मॉडल के रूप में पेश करेगी।

गरीब परिवार में पैदा हुई जबना चौहान ने मात्र एक साल की समय अवधि में अपने पंचायत क्षेत्र में शराबबंदी के खिलाफ प्रस्ताव पारित करवाया और पूरे प्रदेश में एक मिसाल कायम की। इसके लिए शिवरात्री महोत्सव के समापन पर प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जबना चौहान को मंच से बधाई दी थी।
अब जबना चौहान महिला दिवस पर सात व आठ मार्च को गुजरात के गांधीनगर में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के स्वच्छ शक्ति कार्यक्रम में भाग लेंगी और देश भर से हजारों की तादाद में आने वाली महिलाओं को स्वच्छता व शराबबंदी के प्रति जागरूक करेगी। जबना चौहान इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिये मंडी से गुजरात के लिए रवाना हो गई हैं।
केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने प्रदेश सरकार और मंडी जिला प्रशासन से प्रतिभाशाली महिलाओं के नाम मांगे थे, जिसके तहत गुजरात में होने वाले कार्यक्रम के लिए जबना चौहान का चयन हुआ है। जबना चौहान ने इस चयन के लिए प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन का आभार प्रकट किया है। गौरतलब है कि इससे पहले थरजूण पंचायत ने जिला में स्वच्छता के क्षेत्र में प्रथम स्थान हासिल किया है, जिसके लिए जबना चौहान को सीएम ने मंडी दौरे के दौरान बेस्ट प्रधान के अवॉर्ड से सम्मानित किया था।












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