दतिया भगदड़: मृत समझकर भेजा मुर्दाघर, जिंदा निकली महिला

कमलेशी के पति कोमल सिंह रजत ने कहा कि भगदड़ मचने से कमलेशी और उनकी बहू भीड़ द्वारा बुरी तरह से कुचल दी गई थी हम दोनों महिलाओं को कंधों पर लादकर चार किलोमीटर पैदल ले गये। जिसके बाद मृत जानकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। कोमल का कहना है कि मैंने कमलेशी के जिंदा होने की उम्मीद छोड़ दी थी। उसे जब होश आया तो उसने बहू का नाम लिया। वह हादसे से सहमी हुई है और बोल नहीं पा रही है। कोमल के साथियों का कहना है कि कमलेशी का बचना एक चमत्कार है।
रतनगढ़ के मंदिर में हुई इस भगदड़ में अब तक 115 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो कि अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
हादसे के बाद मंदिर में फिर से श्रद्धालुओं ने आना शुरू कर दिया है। गौर हो कि इसी मंदिर में भगदड़ की यह दूसरी बड़ी घटना है।












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