डांसर सपना चौधरी दिल्ली चुनाव में केजरीवाल की राह मुश्किल कर सकती हैं? जानिए क्यों

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    Sapna Choudhary के निशाने पर Delhi CM Arvind Kejriwal, जानें क्यों ? | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली- दिल्ली विधानसभा चुनाव को हर हाल में जीतने के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत अभी से झोंकनी शुरू कर दी है। पार्टी के एक वर्ग की नाखुशी के बावजूद हरियाणवी फोल्क डांसर सपना चौधरी की भाजपा में एंट्री को भी इसी से जोड़कर देखा जा सकता है। सपना चौधरी जिस तरह की कला के लिए मशहूर हैं, वह संघ की विचारधारा में फिट नहीं बैठती। लेकिन, फिर भी प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और पार्टी सांसद मनोज तिवारी की नजदीकियों के चलते अगर पार्टी ने सपना चौधरी को सदस्यता दी है, तो उसका मकसद साफ है कि वह उनकी लोकप्रियता को वोट के माध्यम से बटोर लेना चाहती है। लेकिन, अगर दिल्ली के वोटरों पर सपना का जादू चला, तो अरविंद केजरीवाल के लिए नई मुश्किल भी खड़ी हो सकती है।

    'मनोज तिवारी को मुझसे स्नेह है'

    'मनोज तिवारी को मुझसे स्नेह है'

    ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। इसी साल मार्च में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई थी कि सपना चौधरी कांग्रेस में शामिल हो गईं। लेकिन, कुछ ही समय बाद उन्होंने न सिर्फ इस खबर का खंडन किया, बल्कि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ डिनर पर मुलाकात करके पूरी कहानी ही पलट दी। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि वे बीजेपी में शामिल होंगी। उनके बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा भी होने लगी। लेकिन तब ऐसा नहीं हुआ। अलबत्ता, उन्होंने बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार किया था। मनोज तिवारी के साथ उन्होंने 22 अप्रैल को दिल्ली में रोड शो भी किया था। अब उन्होंने ये भी साफ किया है कि तिवारी का उनके प्रति बहुत ज्यादा स्नेह है और भाजपा में शामिल होने में भी उनकी प्रेरणा काम आई है।

    चुनाव लड़ने के भी संकेत दिए

    चुनाव लड़ने के भी संकेत दिए

    जाहिर है कि सपना चौधरी को भाजपा को लेकर आने में मनोज तिवारी की बहुत बड़ी भूमिका है। इसबार उनकी अध्यक्षता में ही भाजपा ने लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर जीत हासिल की है। इसलिए लग रहा था कि मनोज तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार में भी जगह दे सकते हैं। लेकिन, उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव को भी जिताने का जिम्मा सौंपा गया है। अगर तिवारी सपना को पार्टी में लेकर आए हैं, तो इसके पीछे उनका यही इरादा लग रहा है। क्योंकि, दिल्ली के वोटरों के एक बड़े वर्ग पर सपना चौधरी अपना काफी असर डाल सकती हैं। वैसे तो सपना चौधरी ने खुद दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार किया है, लेकिन उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों के इशारों को समझें तो उन्होंने इस संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा है, "सच में चुनाव लड़ने में मेरी दिलचस्पी नहीं है, लेकिन मैं वही करूंगी, जो पार्टी मुझे करने के लिए कहेगी।" इसके बाद वो ये भी कहती हैं कि, "दो महीने बाद मैं 25 साल की हो जाऊंगी और वही करूंगी जैसा पार्टी मुझसे करने को कहेगी।" मतलब साफ है कि भारत में चुनाव लड़ने के लिए 25 साल की उम्र जरूरी है और ये कहकर सपना ने साफ कर दिया है कि अगर पार्टी उन्हें टिकट देगी, तो वो मना भी नहीं करेंगी।

    केजरीवाल पर निकाल चुकी हैं भड़ास

    केजरीवाल पर निकाल चुकी हैं भड़ास

    बीजेपी में शामिल होते ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोलकर जता दिया है कि आने वाले दिनों में उनकी सियासी लाइन क्या रहने वाली है। सपना ने कहा है, "केजरीवाल को लगता है कि वे राजा हैं और बाकी सभी बच्चे हैं। वे सोचते हैं कि जनता नहीं समझती कि वो क्या कर रहे हैं.........वे अपने लिए काम कर रहे हैं, न कि जनता के लिए।"

    केजरीवाल के वोट बैंक में लगा सकती हैं सेंध

    केजरीवाल के वोट बैंक में लगा सकती हैं सेंध

    सपना चौधरी की डांस का हरियाणा, दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक के इलाके में लोगों के एक बहुत बड़े वर्ग में खासा क्रेज है। अगर दिल्ली की बात करें तो उनके जलवे का प्रभाव लोअर और लोअर मिडिल क्लास पर बहुत ही गहरा है। दिल्ली में ऐसे मतदाताओं पर अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी की पकड़ ज्यादा मजबूत रही है। लेकिन, अगर सपना दिल्ली के किसी सीट से चुनाव लड़ती हैं और पार्टी की स्टार प्रचारक बनकर प्रचार करती हैं, तो निश्चित ही वो अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के वोट बैंक में भी सेंध लगा सकती हैं। उन्होंने कहा भी है, "जनता के साथ जुड़ जाना एक नेता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। एक आर्टिस्ट या परफॉर्मर के रूप में हम लोगों से बहुत दूर हैं। इसलिए, मैं सबसे पहले लोगों से जुड़ने की कोशिश करूंगी। जहां तक पार्टी में मेरे रोल की बात है, तो मुझसे जो भी कहा जाएगा, मैं वैसा ही करूंगी।"

    दिल्ली से पहले हरियाणा में आ सकती हैं पार्टी के काम

    दिल्ली से पहले हरियाणा में आ सकती हैं पार्टी के काम

    दिल्ली विधानसभा चुनाव अगर वक्त पर कराए गए, तो वो अगल साल की शुरुआत में होंगे। लेकिन, हरियाणा विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं। हरियाणा से होने की वजह से माना जा रहा है कि वो हरियाणा में निश्चित तौर पर पार्टी की काम आएंगी। जब उनसे ये पूछ लिया गया कि वो हरियाणा या दिल्ली में से कहां का प्रतिनिधित्व करना पसंद करेंगी, तो उन्होंने ये कहकर जवाब को घुमा दिया कि, "पूरे देश के लोग मेरे दिल के करीब हैं। मेरे लिए सभी लोग बराबर हैं।"

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