US Democrats oppose Trump: 'ये तो पुतिन के सामने घुटने टेकना है', ट्रंप के इस फैसले पर भड़के अमेरिकी सांसद
US Democrats oppose Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को अपनी ही राजनीति के अंदर से बड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। दो डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने ट्रंप प्रशासन से मांग की है कि भारत समेत कुछ देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए दी गई छूट को आगे न बढ़ाया जाए।
उनका कहना है कि ईरान युद्ध खत्म होने के बाद इस राहत को जारी रखने का कोई कारण नहीं बचा है। सीनेटर्स का आरोप है कि इस फैसले से रूस को आर्थिक फायदा हो रहा है और वही पैसा यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में इस्तेमाल किया जा रहा है।

रूसी तेल पर छूट को लेकर बढ़ा विवाद
अमेरिका ने मार्च में कुछ देशों को रूसी तेल खरीदने पर लगी पाबंदियों में अस्थायी राहत दी थी। उस समय ईरान से जुड़े तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। बाद में इस राहत को दो बार बढ़ाया गया। अब इसकी समयसीमा 17 जून को खत्म हो रही है। ऐसे में डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रंप प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि इस छूट को अब आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
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जीन शाहीन और एलिजाबेथ वॉरेन ने उठाए सवाल
Jeanne Shaheen और Elizabeth Warren ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि अगर लाइसेंस फिर से बढ़ाया गया तो इसका सबसे बड़ा फायदा रूस को मिलेगा। उनका कहना है कि राष्ट्रपति Vladimir Putin पहले से ही यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखे हुए हैं और अतिरिक्त तेल आय से उनकी स्थिति और मजबूत होगी। दोनों नेताओं ने इसे अमेरिकी हितों के खिलाफ बताया है।
'ट्रंप को अपनी ही डील पर भरोसा नहीं'
सीनेटर्स ने कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन एक बार फिर यह राहत देता है तो यह संदेश जाएगा कि खुद राष्ट्रपति को अपनी विदेश नीति और ईरान युद्ध खत्म होने के दावे पर भरोसा नहीं है। उनके मुताबिक, जब सरकार युद्ध खत्म होने की बात कर रही है तो फिर आपातकालीन राहत जारी रखने का कोई तर्क नहीं बचता। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम ट्रंप की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करेगा।
अमेरिकी जनता पर महंगाई का असर भी मुद्दा
दोनों सांसदों ने यह भी दावा किया कि तेल बाजार को स्थिर करने की कोशिशें सफल नहीं रही हैं। उनका कहना है कि आम अमेरिकी नागरिक अभी भी पेट्रोल, किराने के सामान और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। ऐसे में रूस को आर्थिक फायदा पहुंचाने वाली नीति जारी रखने का कोई फायदा नहीं है। सीनेटर्स ने कहा कि सरकार को पहले अमेरिकी परिवारों की चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए।
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'पुतिन के सामने घुटने टेकने जैसा कदम'
अपने बयान के अंत में दोनों नेताओं ने बेहद कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस छूट को फिर से बढ़ाना "पुतिन के सामने घुटने टेकने" जैसा होगा। उनका तर्क है कि यूक्रेन अपनी आजादी और सुरक्षा के लिए लड़ रहा है, जबकि रूस तेल से होने वाली कमाई का इस्तेमाल उसी युद्ध को जारी रखने में कर रहा है। ऐसे में अमेरिका को ऐसी किसी भी नीति से बचना चाहिए जो मॉस्को को आर्थिक राहत पहुंचाए और युद्ध को लंबा करने में मदद करे।












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