Cyber crime: संसदीय पैनल ने बैंकों, Google, Apple और Paytm को बुलाया
वित्त पर संसद की स्थाई समिति ने साइबर सिक्योरिटी और साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर चर्चा के लिए विभिन्न बैंकों और वैश्विक एवं राष्ट्रीय बड़ी टेक कंपनियों को चर्चा के लिए बुलाया है। देश में जिस तरह से साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, उसमें संसदीय समिति की यह पहल बहुत ही अहम मानी जा सकती है।
बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त पर संसद की स्थाई समिति ने जिन बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को साइबर सिक्योरिटी और साइबर अपराध पर बातचीत के लिए 4 जुलाई को बुलाया है, उनमें गूगल, एप्पल, पेटीएम (One97 Communications ) और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां भी शामिल हैं।

बैंकों और टेक कंपनियों के साथ अलग-अलग बैठकें
इन गंभीर मामलों पर बातचीत के लिए समिति ने उसी दिन बैंकों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया है। दोनों के साथ समिति अलग-अलग बैठकें करेगी। 'साइबर सिक्योरिटी और साइबर/व्हाइट कॉलर क्राइम की बढ़ती घटनाओं' पर मौखिक साक्ष्य लेने के लिए जिन बैंकों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है, उनमें पंजाब नेशल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यस बैंक के अलावा इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (CERT-In) भी शामिल हैं।
पहले भी हो चुकी है एक्सपर्ट के साथ चर्चा
दरअसल, देश में इन दिनों साइबर अपराध बहुत बड़ा खतरा बनकर उभरा है और धोखेबाज आम लोगों का पैसा हड़पने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। देश में इस तरह के अपराध को लेकर इस महीने पहले भी समिति की इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ चर्चा हो चुकी है। इस दौरान सांसदों ने इस गैर-कानूनी गतिविधियों को लेकर कई तरह के सवाल भी पूछे थे, जिसमें फ्रॉड लोन ऐप भी शामिल हैं।
फ्रॉड लोन ऐप पर भी हुई थी चर्चा
उस बैठक में फ्रॉड लोन ऐप को लेकर भी चर्चा हुई थी। क्योंकि ऐसे मामले बढ़ गए हैं, जिसमें लोगों को बेतहाशा ब्याज चुकाने के लिए मजबूर करने की शिकायतें मिल रही हैं। उस बैठक में जिन कंपनियों के प्रतिनिधि पहुंचे थे, उनमें चेज इंडिया, रेजरपे, फोनपे, CRED और QNu Labs के अलावा भारत में टेक इंडस्ट्री की प्रमुख ट्रेड बॉडी और चैंबर ऑफ कॉमर्स नैसकॉम भी शामिल थी।
वित्त पर संसद की स्थाई समिति के सदस्यों में पी चिदंबरम, सौगत रॉय, सुशील मोदी, अमर पटनायक जैसे सांसद भी शामिल हैं। (इनपुट-पीटीआई)












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