इसरो का 4 सेकेंट 'मॉम' टेस्‍ट तय करेगा भारत का मंगल मिशन

बैंगलोर। भारत के लिए सबसे अहम और सबसे बड़े मंगल अभियान का आज एक बड़ा टेस्‍ट होने वाला है। पिछले नौ माह से अतंरिक्ष की यात्रा पर निकला भारत का मंगलयान या मार्स ऑर्बिटर मिशन (मॉम ) अब मंगल के पास पहुंच गया है।

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खास बात है कि नौ माह की इस यात्रा के दौरान मंगलयान का मुख्‍य रॉकेट इंजन पूरी तरह से निष्क्रिय था। इसरो के वैज्ञानिक अब इसे एक्टिव कर रहे हैं। आने वाले 24 सितंबर को रॉकेट इंजन का सबसे अहम इम्तिहान होने वाला है।

आज है परीक्षा की घड़ी

सोमवार यानी आज इसरो के वैज्ञानिक 4 सेकंड्स तक इंजन चालू करके इसे टेस्ट करेंगे। मंगलयान को पिछले वर्ष पांच सितंबर को लांच किया गया था। फिलहाल मंगलयान अंतरिक्ष के मौसम हालात को झेलने में कामयाब रहा है।

इस सैटलाइट के साथ आठ छोटे थ्रस्टर्स और एक बड़ी रॉकेट मोटर लगी हुई है।

पूरी यात्रा के दौरान इसका मुख्य रॉकेट इंजन बंद रखा गया था। अब चिंता की बात यह है कि जरूरत पड़ने पर यह काम करेगा भी या नहीं। अगर यह काम करता भी है, तो इसका सही से काम करना जरूरी है।

24 सितंबर को असली इम्तिहान

इस टेस्ट के तीन दिन बाद यानी 24 सितंबर को मंगलयान के मुख्य रॉकेट इंजन का असली इम्तिहान होगा।

उस दिन इंजन को 24 मिनट तक फायर किया जाएगा, ताकि मार्स ऑर्बिटर मिशन(MOM) स्प्रेसक्राफ्ट यानी मंगलयान की गति धीमी की जा सके और इसे मंगल की कक्षा में स्थापित किया जा सके।

इस वक्त यह करीब 22 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से मंगल की तरफ बढ़ रहा है। इसकी स्पीड को घटाकर 4.4 किलोमीटर प्रति सेकंड किया जाना है।

अगर इसरो के वैज्ञानिक इस मिशन में सफल रहे, तो भारत पहली ही कोशिश में कामयाबी हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश होगा। इससे पहले अमेरिका, रूस और यूरोपियन स्पेस एजेंसी को कई कोशिशों के बाद अपने सैटलाइट मंगल की कक्षा में स्थापित करने में कामयाबी मिली थी।

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