घाटी में सीआरपीएफ करेगी पैलेट गन का प्रयोग लेकिन एक शर्त पर
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में हिंसा के बीच पैलेट गन के प्रयोग ने जमकर विवाद और हंगामा खड़ा किया। पैलेट गन की जगह दूसरे विकल्पों पर विचार के लिए बनाई गई कमेटी ने अब कहा है कि घाटी में पैलेट गन को पूरी तरह से बैन नहीं किया जा सकता है।

कई लोगों ने गंवा दी हैं अपनी आंखें
कमेटी की ओर से कहा गया है कि सीआरपीएफ सिर्फ कुछ असाधारण घटनाओं में ही पैलेट गन का प्रयोग करेगी। सात सदस्यों वाली इस एक्सपर्ट कमेटी ने गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव टीवीएसएन प्रसाद को अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
इस कमेटी को उस समय तैयार किया गया था जब घाटी में पैलेट गन के काफी ज्यादा प्रयोग की वजह से यहां पर भारी तादाद में प्रदर्शनकारियों की आंख की रोशनी चली गई थी।
सिर्फ दुर्लभ मामलों में प्रयोग
सूत्रों की मानें तो पेलारगोनिक एसिड वैनील्लीयल यानी जिसे पावा भी कहते हैं और स्टैन लैक ग्रेनेड के अलावा लांग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस यानी लार्ड का प्रयोग पैलेट गन की जगह सुझाया गया है।
लार्ड वह हथियार है जो भीड़ को सुन्न करने के मकसद से काफी तेज ध्वनि पैदा करता है। एक अधिकारी की मानें तो पैलेट गन से फायरिंग करने का विकल्प रहेगा, लेकिन इसका प्रयोग सिर्फ कुछ असाधारण या दुर्लभ मामलों में ही होगा।












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