Aditya L-1 लॉन्च होते ही लगने लगे 'भारत माता की जय' के नारे, गर्व से चौड़ा हुआ भारतीयों का सीना
ISRO Aditya L-1: श्रीहरिकोटा से आदित्य-एल1 को लेकर इसरो के पीएसएलवी रॉकेट के उड़ान भरने के दौरान हर तरफ से सिर्फ एक ही सुर सुनाई दिया और वो था- भारत माता की जय। इसरो का आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान को कवर करने वाला पेलोड पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर निकलते ही अलग हो गया। साथ ही पीएसएलवी के अलग होने का तीसरा चरण भी पूरा हो चुका है। ऐसे में देशवासियों के लिए ये बेहद गर्व का पल है।
बताते चलें कि चंद्रयान 3 मिशन की कामयाबी के बाद भारत ने अपना आदित्य एल1 मिशन लॉन्च किया। इस मिशन को कई वजहों से बेहद अहम माना जा रहा है। आज 11 बजकर 40 मिनट पर आदित्य एल1 रॉकेट ने अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरी।

इससे पहले आदित्य एल1 की लॉन्चिंग को लेकर इसरो के पूर्व चेयरमैन जी. माधवन नायर ने कहा कि ये मिशन बहुत ही ज्यादा जरूरी है। आदित्य एल 1 को लैंग्रेजियन प्वाइंट 1 के आसपास ही रखा जाएगा। यहां पृथ्वी और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल खत्म हो जाता है। साथ ही न्यूनतम ईंधन के साथ हम वहां अंतरिक्ष यान बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा 24 घंटों सातों दिन ऑब्जर्वेशन भी संभव है। अंतरिक्ष यान में सात उपकरण लगाए गए हैं। इस मिशन का डेटा वायुमंडल में होने वाली विभिन्न घटनाओं, जलवायु परिवर्तन अध्ययन आदि को समझने में मदद करेगा।
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सूरज के रंग पर नासा की रिपोर्ट
नासा की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब नासा के वैज्ञानिकों ने सूरज की असली तस्वीर देखी तो उसका रंग ना तो लाल था, ना तो पीला और ना ही भगवा। बल्कि ये रंग था सफेद। यानी कि सूरज का असली रंग सफेद है। अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि अगर सूरज का असली रंग सफेद है तो फिर हमें ये धरती से सफेद रंग का क्यों दिखाई नहीं देता। ऐसे में वैज्ञानिकों ने बताया कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब सूर्य की किरणएं हमारी आंखों तक पहुंचती है तो उनकी मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि वो हमारी आंखों की फोटिरिसेप्टर कोशिकाओं को संतृप्त कर देती है। ऐसे में सूरज का असली रंग ना दिखकर ये लाल, पीला या फिर नारंगी नजर आता है।












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