देश के बंटवारे के साथ-साथ बंट गये थे यूपी के लाखों परिवार
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। अल्ताफ हुसैन साल 2004 में राजधानी में आए थे एक मीडिया समूह की तरफ से आयोजित समारोह में। वे मुत्ताहिदा कौमी मुवमेंट (एमक्यूएम) के चीफ हैं। तब वे कह रहे थे कि देश के बंटवारे के कारण यूपी के लाखों मुसलमान परिवार बंट गए। वे बर्बाद हो गए। एक भाई भारत में रहा तो दूसरा पाकिस्तान चला गया।
यूं तो देश के विभाजन के बाद बिहार, पंजाब, दिल्ली वगैरह से भी मुसलमान पाकिस्तान गए पर यूपी के मुसलमान सबसे ज्यादा सरहद पार गए। अल्ताफ हुसैन की पार्टी एमक्यूएम पाकिस्तान में भारत से गए मुसलमानों के हितों के लिए लड़ती है।
भारत में पाकिस्तान बनने के बाद इसकी जो सबसे अधिक कीमत चुकाई है तो वह भारत का मुसलमान ही है, चाहे परिवार के बिछड़ने की कीमत हो चाहे पाकिस्तान को लेकर उसको दी रही गालियाँ हों चाहे मानसिक आक्रमण।
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मनाते काला दिवस
भारत में बहुत से मुसलमान 14 अगस्त को भारत के लिए एक काला दिन मनाते हैं। जानकार मानते हैं कि पाकिस्तान बनने के इतने साल गुजर जाने के बाद भी भारत से जाकर वहां बसे मुसलमानों को दोयम दर्जे का ही नागरिक माना जाता है। पाकिस्तान की सेना में इनकी तादाद बेहद कम है। अहम पदों पर भी ये कम हैं। पाकिस्तान में हर खसा पद पर पंजाब मुसलमान आसीन है।
बंटे परिवार
राजधानी के प्रमुख मुस्लिम चिंतक फिरोज बख्त अहमद कहते हैं कि पाकिस्तान बनने से वास्तव में यूपी के मुसलमान परिवार बंट गए। उसके बाद उनकी जिंदगियां तबाह हो गईं।













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