संसद की नई बिल्डिंग के उद्घाटन का बहिष्कार करेगी आप, टीएमसी और CPI(M)
संसद की नई बिल्डिंग का पीएम मोदी 28 मई को उद्घाटन करने जा रहे हैं। लेकिन सीपीआईएम ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया है। सीपीआईएम ने कहा है कि वह इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद की नई बिल्डिंग का उद्घाटन करने जा रहे हैं लेकिन विपक्ष के कई दल इसका विरोध कर रहे हैं। वह संसद की नई बिल्डिंग का विरोध कर रहे हैं और इस कार्यक्रम से दूरी बना रहे हैं।
सीपीआईएम ने ऐलान किया है कि 28 मई को संसद की नई बिल्डिंग के उद्घाटन कार्यक्रम में वह हिस्सा नहीं लेगी। सीपीआईएम के राज्यसभा सांसद डॉक्टर जॉन ब्रिटास ने इस बात की पुष्टि की है।
सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को दरकिनार कर रहे हैं। येचुरी ने कहा कि जब संसद भवन की नींव रखी जा रही थी तो पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को दरकिनार करते हुए इसकी नींव रखी और अब इसका उद्घाटन भी करने जा रहे हैं। जो कतई स्वीकार नहीं है।
येचुरी ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 79 के अनुसार संघ की एक संसद होगी, जिसमे राष्ट्रपति होंगे और दो सदन होगा। जब भारत के राष्ट्रपति समन करें तभी संसद की बैठक हो सकती है।
साझा सदन को राष्ट्रपति संबोधित करते हैं उसके बाद ही संसद की कार्रवाई शुरू होती है।इसके अलावा आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस भी संसद की नई बिल्डिंग के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करेगी। दोनों ही दलों ने मंगलवार को ऐलान किया है कि वह संसद की नई बिल्डिंग के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि संसद सिर्फ एक नई बिल्डिंग नहीं है, बल्कि हमारी पुरानी परंपरा, मूल्य है, यह भारत के लोकतंत्र की नींव है, लेकिन पीएम मोदी यह नहीं समझते हैं। उनके लिए संसद के उद्घाटन का कार्यक्रम सिर्फ मैं, मेरा है। लिहाजा हम इसमे नहीं हिस्सा लेंगे।












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