Covid Vaccine पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, नए कोरोना टीकों की खरीद नहीं: सूत्र
कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीका और कोविड-19 प्रोटोकॉल सबसे कारगर उपाय हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने अहम फैसले में कहा है कि अभी नई कोरोना वैक्सीन खरीदने का कोई इरादा नहीं है।

Covid-19 Vaccine पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नरेंद्र मोदी सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अभी और अधिक कोविड टीके नहीं खरीदने का फैसला किया है, क्योंकि मामलों में हालिया उछाल के पीछे सब-वैरिएंट गंभीर संक्रमण का कारण नहीं है।
कोरोना टीके की खरीदारी के बारे में इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया, भले ही सरकार का स्टॉक खत्म हो जाए, लेकिन बाजार में कोविड के टीके उपलब्ध रहेंगे। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे अपने दम पर टीके खरीदें।
सूत्रों ने कहा कि सरकार आम जनता के लिए कोविड वैक्सीन की चौथी खुराक या तीसरी खुराक की भी सिफारिश नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने इस तथ्य के कारण अधिक टीकों की खरीद नहीं करने का फैसला किया है।
टीके इसलिए नहीं खरीदे जाएंगे क्योंकि मौजूदा सब-वैरिएंट, एक्सबीबी.1.16, गंभीर संक्रमण या अस्पताल में भर्ती होने का कारण नहीं बन रहा है। बता दें कि केंद्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में कोविड टीके मुहैया कराकर उनकी मदद कर रहा है।
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पिछले साल 16 जनवरी को शुरू हुए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत पिछले साल अक्टूबर में, सरकार ने टीकाकरण उद्देश्यों के लिए 4,237 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया था।
स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक टीकों की 220.66 करोड़ खुराक दी जा चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि कोरोना का 'एक्सबीबी वैरिएंट खतरनाक संस्करण नहीं'।
XBB ओमीक्रॉन का ही एक प्रकार है और यह ओमीक्रॉन वेरिएंट में सबसे प्रचलित है। कोविड-19 संक्रमण में हालिया उछाल के बीच भारत में एक्सबीबी1.16.1 म्यूटेशन वाला सब-वैरिएंट है। इसके 200 से अधिक मामले पाए गए हैं।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि XBB "खतरनाक संस्करण" नहीं है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने एक्सबीबी के सब वैरिएंट को अलग कर दिया है। उनके खिलाफ टीका कितना प्रभावी है, इसकी जांच के लिए अध्ययन किए गए हैं।
सूत्रों ने कहा कि एक्सबीबी वेरिएंट से संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होने की दर 1:1000 है। यानी एक हजार में एक शख्स को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि मौजूदा उछाल 'लहर' नहीं है, बल्कि कोविड का 'स्थानिक चक्र' है।












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