चीन का हाल देख भारत में भी टेंशन! जानें कोरोना की नई लहर को रोकने के लिए क्या किया जा रहा है ?
चीन में कोरोना वायरस के भयावह रूप को देखने के बाद भारत में भी सभी तरह के एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों कई ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिससे हर विपरीत परिस्थितियों का सामना किया जा सके।

चीन के लगभग हर पांचवें शख्स के कोविड संक्रमित होने की खबरों ने भारत में भी चिंता बढ़ा रखी है। जाहिर है कि इसी वजह से केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के आतंक से बचने के लिए कई एहतियाती कदम उठा लिए हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 के अपने अंतिम मन की बात कार्यक्रम में भी लोगों से इस खतरे से सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि, देश में इस समय कोविड संक्रमण के मामले पिछले तीन साल में सबसे निचले स्तर पर हैं। फिर भी पिछले कुछ दिनों में केंद्र सरकार ने इस संबंध में कई कदम उठाए हैं। राज्यों को एडवाइजरी भी दी है। लोगों से मास्क पहने और कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाने को कहा गया है, साथ ही साथ राज्यों से स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से फिट रखने को कहा गया है।

इन देशों से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य
केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा है कि चीन, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकारों से कहा गया है कि 27 दिसंबर को मॉक ड्रिल करे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारी स्वास्थ्य सुविधाएं नई कोरोना लहर से निपटने के लिए कितनी तैयार हैं। इस दौरान मेडिकल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की स्थिति की भी जांच होनी है।

इन हवाई अड्डों पर नजर
शनिवार से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई ,अहमदाबाद, पुणे, इंदौर और गोवा जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों की रैंडम कोरोना टेस्टिंग भी शुरू की जा चुकी है। नई गाइडलाइंस के तहत इंटरनेशनल फ्लाइट के यात्रियों में से 2 फीसदी की कोविड जांच करने को कहा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि चीन और बाकी चार देशों से आने वाले यात्री यदि कोविड-19 संक्रमित पाए जाते हैं या उन्हें बुखार रहता है तो उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा। गुजरात के गांधीनगर में मंडाविया ने संवाददाताओं से कहा, 'कोविड-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और बैंकॉक (थाईलैंड) से आने वाले यात्रियों को पहले ही आरटी-पीसीआईर रिपोर्ट अपलोड करनी होगी।' उन्होंने कहा, 'भारत में उतरने के बाद, उनकी थर्मल स्क्रीनिंग होगी और हमने उनके लिए एक आदेश जारी किया है कि अगर पॉजिटिव पाए जाते हैं या देश में आने पर बुखार रहता है तो उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा।'

एयर सुविधा पोर्टल
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया है कि संबंधित देशों से भारत आने वाले यात्रियों के लिए 'एयर सुविधा' फॉर्म भरना फिर से अनिवार्य कर दिया गया है। एयर सुविधा पोर्टल की शुरुआत अगस्त 2020 में की गई थी, जिसमें यात्री अपनी पूरी ट्रैवल हिस्ट्री और स्वास्थ्य की डिटेल डालते थे। लेकिन, कोविड के मामले घटने के बाद पिछले नवंबर में ही इसकी अनिवार्यता खत्म कर दी गई थी। नवंबर से ही अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई थी। मंडाविया ने कहा कि अमेरिका, ब्राजील, यूरोप, दक्षिण कोरिया और हॉन्गकॉन्ग में कोविड के मामले बढ़ने के बाद यह कदम उठाए हैं।

ऑक्सीजन पर फोकस
कोरोना की दूसरी लहर में देश ने मेडिकल ऑक्सीजन संकट देख रखा है। उसके बाद इसपर काफी काम किया गया था और भारत ने किसी भी नए संकट का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर लिया था। सरकार भविष्य में किसी भी परिस्थिति में वैसे हालात नहीं बनने देना चाहती। इसके लिए अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि ऑक्सीजन कंट्रोल रूम को फिर से तैयार करें, ताकि इससे जुड़ी हर चुनौतियों का फौरन निपटारा किया जा सके। इसके लिए मंगलवार को एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा रही है।

राज्यों के लिए चेकलिस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड से पूरी तरह सतर्क रहने और खासकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सख्त निगरानी रखने की हिदायत दे रखी है। इसी के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऑक्सीजन-जेनरेटिंग प्लांट को पूरी तरह से चालू हालत में रखने और नियमित तौर पर उनके लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अन्नानी की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखी गई चिट्टी में कहा गया है कि भले ही देश में कोविड के मामले कम हैं, लेकिन इन मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार रखना है। क्योंकि, महामारी के दौरान जानें बचाने के लिए ऑक्सीजन की निर्बाध सप्लाई बहुत आवश्यक है। खत में लिखा गया है, 'हेल्थ फैसिलिटी में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता और रिफिलिंग की निर्बाध सप्लाई चेन सुनिश्चित की जानी चाहिए। ' इसमें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर और बैकअप स्टॉक उपलब्ध रखना शामिल है। इनके अलावा राज्यों से वेंटिलेटर, BiPAP और SpO2 सिस्टम जैसे जीवन रक्षक उपकरणों को भी चालू हालत में उपलब्ध रखने को कहा गया है।












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