COVID-19 India: भारत में कोरोना का विस्फोट! ये दो नए वैरिएंट कितने घातक? 5 जवाबों में जानें कितनी बढ़ी चिंता?
COVID-19 India 2025 Update: भारत में कोरोना फिर से धीरे-धीरे बढ़ रहा है। साल 2025 में कोरोना वायरस से अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है। वायरस के मामलों में हल्की लेकिन सतर्क करने वाली बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासकर महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में नए केस लगातार सामने आ रहे हैं। मौतों के मामलों में महाराष्ट्र 5 अंको के साथ अव्वल है। वहीं, 430 संक्रमण के मामलों के साथ केरल ने सबको पछाड़ दिया है।
जहां वैरिएंट- JN.1 लोगों को सबसे ज्यादा संक्रमित करने में जुटा है। लेकिन, इसी बीच दो नए वैरिएंट-NB.1.8.1 और LF.7 की एंट्री भी भारत में हो गई। दोनों ही वैरिएंट दरअसल पहले से मौजूद JN.1 के ही उप-रूप (sublineage) हैं, जो अभी देश में सबसे ज्यादा फैला हुआ वैरिएंट है। सवाल उठता है कि क्या ये नए वैरिएंट खतरनाक हैं और हमें चिंता करनी चाहिए?

पहले समझते हैं क्या होते हैं कोरोना के वैरिएंट?
जब कोई वायरस बार-बार इंसानों को संक्रमित करता है, तो वह अपने आप को कॉपी करता है। हर बार कॉपी एकदम परफेक्ट नहीं होती-और ऐसे में उसमें छोटे बदलाव (mutation) हो जाते हैं। इन बदलावों वाले वायरस को ही वैरिएंट कहा जाता है। वैरिएंट कई बार सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो ज़्यादा संक्रामक या खतरनाक बन सकते हैं।
NB.1.8.1 और LF.7: कहां मिले और क्या है इनके लक्षण?
INSACOG की रिपोर्ट के मुताबिक, NB.1.8.1 तमिलनाडु में अप्रैल में पाया गया था, जबकि LF.7 के चार केस मई में गुजरात में मिले हैं। दोनों के लक्षण अभी तक हल्के ही सामने आए हैं-सामान्य फ्लू की तरह सर्दी, बुखार, खांसी जैसी शिकायतें हैं। अब तक की रिपोर्ट बताती है कि ज्यादातर मरीज बिना हॉस्पिटल में भर्ती हुए घर पर ही ठीक हो रहे हैं। यानी घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
क्या NB.1.8.1 ज्यादा तेजी से फैलता है?
NB.1.8.1 में कुछ खास म्यूटेशन (A435S, V445H, और T478I) पाए गए हैं, जो इसे इम्यून सिस्टम को चकमा देने और तेजी से फैलने में सक्षम बनाते हैं। इसी वजह से विशेषज्ञ इस पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) का कहना है कि ये वैरिएंट अभी वैश्विक स्तर पर खतरे की श्रेणी में नहीं आते।
कहां-कहां कोरोना उठा रहा फन?
| क्रमांक | राज्य | एक्टिव केस | डेथ |
|---|---|---|---|
| 1 | महाराष्ट्र | 208 | 5 |
| 2 | केरल | 430 | 2 |
| 3 | राजस्थान | 32 | 2 |
| 4 | मध्य प्रदेश | 5 | 1 |
| 5 | कर्नाटक | 80 | 1 |
| 6 | उत्तर प्रदेश | 30 | 1 |
भारत में स्थिति कैसी है?
भारत में JN.1 वैरिएंट के केस सबसे ज्यादा हैं-लगभग 53% मामलों में यही पाया गया है। उसके बाद BA.2 और अन्य ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट हैं। यानी कि संक्रमण के ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के हैं, लेकिन बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वालों को सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या करें और क्या न करें?
अगर आपको सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण हैं, तो तुरंत टेस्ट कराएं। मास्क पहनना, हाथ धोना, भीड़ से बचना और टीकाकरण की बूस्टर डोज़ लेना-ये अब भी सबसे कारगर उपाय हैं।












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