COVID-19 Cases: भारत में धीमी पड़ी कोरोना की रफ्तार! एक्टिव केस 4 हजार पार-127 मौतें, जानें राज्यों का हाल?
COVID-19 Cases in India 2025: भारत में कोरोना वायरस की रफ्तार अब धीमी पड़ती दिख रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में सक्रिय कोविड-19 मामले घटकर 4,089 हो गए हैं। 11 जून को 7,000 से अधिक एक्टिव केस थे, जो अब कम होकर राहत की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
पिछले 24 घंटों में 336 नए मामले सामने आए, जबकि तीन मरीजों की मौत दर्ज की गई। इनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और केरल में एक-एक मौत शामिल है। इस साल जनवरी से अब तक कुल 127 लोगों की जान इस वायरस ने ली है।

राज्यवार आंकड़े: केरल, पश्चिम बंगाल और गुजरात में स्थिति
- Kerala Corona Case: एक समय कोविड-19 की नई लहर का केंद्र रहा, लेकिन अब लगाता है, केरल सुधार की राह पर है। वर्तमान में यहां 790 सक्रिय मामले हैं, जबकि 40 मौतें दर्ज की गई हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं।
- West Bengal Corona Cases: सक्रिय मामलों में केरल के बाद दूसरे नंबर पर है, जहां 790 एक्टिव केस हैं। हालांकि, यहां केवल एक मौत हुई है।
- Gujarat COVID-19 Cases: तीसरे स्थान पर गुजरात है, जहां 500 सक्रिय मामले और दो मौतें दर्ज की गई हैं।
- Maharashtra Corona Active Cases: 33 मौतों के साथ दूसरा सबसे अधिक प्रभावित राज्य है। यहां सक्रिय मामलों की संख्या 296 है।
- Delhi Corona Cases: 14 मौतों के साथ तीसरे स्थान पर है, और सक्रिय मामले 431 हैं।
कोविड-19 अब स्थानिक, गंभीर खतरा नहीं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोविड-19 अब स्थानिक (एंडेमिक) हो चुका है और यह गंभीर खतरा नहीं है। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्स साकेत के इंटरनल मेडिसिन निदेशक डॉ. रोमेल टिक्कू ने बताया कि हल्के लक्षणों जैसे बुखार, खांसी और जुकाम के लिए हम हर मरीज को कोविड टेस्ट की सलाह नहीं देते। अधिकांश मरीज 2-3 दिन में घर पर ही ठीक हो रहे हैं। केवल गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, किडनी रोग या हृदय रोग वाले मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।" उन्होंने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए दूसरों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
फरीदाबाद के अमृता अस्पताल के पल्मोनोलॉजी प्रमुख डॉ. अर्जुन खन्ना ने कहा कि इस लहर में कोविड-19 के लक्षण अन्य वायरल श्वसन संक्रमणों से मिलते-जुलते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो गया है।
नए वैरिएंट्स और सावधानियां
हाल के मामलों में NB.1.8.1 और LF.7 जैसे नए ओमिक्रॉन सबवैरिएंट्स की मौजूदगी देखी गई है, जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 'वैरिएंट्स अंडर मॉनिटरिंग' के रूप में वर्गीकृत किया है। हालांकि, ये वैरिएंट्स अभी 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मॉक ड्रिल शुरू की है।
डॉक्टरों की सलाह
- हल्के लक्षणों वाले मरीजों को घर पर आराम और रोगसूचक उपचार की सलाह।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, खासकर बुजुर्ग और सह-रुग्णता वाले लोग।
- लक्षण 3-4 दिन से अधिक रहने पर रैपिड एंटीजन या RT-PCR टेस्ट करवाएं।
कोरोना के मामलों में कमी के बावजूद, विशेषज्ञ सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें स्थिति पर नजर रख रही हैं। केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए: covid19dashboard.mohfw.gov.in












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