भारत और ब्रिटेन में पाए गए वेरिएंट पर COVAXIN कारगर, भारत बॉयोटेक ने दी जानकारी
नई दिल्ली, 16 मई। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि कोरोना वायरस के खिलाफ दी जा रही कोवैक्सीन भारत में मिले वेरिएंट के खिलाफ कारगर है। वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी भारत बॉयोटेक ने रविवार को बताया है कि कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी तरह देश में विकसित उसकी वैक्सीन सबसे पहले भारत में पाए गए वेरिएंट बी.1.617 और ब्रिटेन में मिले वेरिएंट बी.1.1.7 के खिलाफ कारगर है।
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कंपनी ने कहा है कि कोवैक्सीन कोविड-19 के परीक्षण किए गए सभी प्रमुख उभरते वेरिएंट के खिलाफ निष्क्रिय करने वाली एंटीबॉडी को बनाती है।
न्यूट्रलाइजेशन का स्तर सुरक्षित
हालांकि बी.1.617 वैरिएंट और वैक्सीन स्ट्रेन (D614G) के बीच 1.95 की वजह से न्यूट्रलाइजेशन में थोड़ी कमी पाई गई, लेकिन न्यूट्रलाइजिंग टाइटर का स्तर अभी भी सुरक्षात्मक होने के लिए आवश्यक से ऊपर बना हुआ है।
भारत बायोटेक की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एला ने रविवार को ट्विटर पर इन निष्कर्षों की घोषणा की। इसके कहा गया है कि "बी.1.1.7 (ब्रिटेन में पाए गए वेरिएंट) और वैक्सीन स्ट्रेन (डी614जी) के बीच न्यूट्रलाइजेशन में कोई अंतर नहीं देखा गया।"
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा किए गए इस अध्ययन को प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल क्लीनिकल इंफेक्शियस डिसीज में प्रकाशित किया गया है।
कौवैक्सीन को मिली थी शुरुआती मंजूरी
कोवैक्सीन उन तीनों में शामिल है जिनको भारत में मंजूरी दी गई है। दो अन्य टीके कोविशील्ड और स्पुतनिक वी हैं। शुरुआत में केवल दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन को ही मंजूरी दी गई थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में अब तक कुल 18 करोड़ से अधिक कोविड वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है, जबकि भारत महामारी की विनाशकारी दूसरी लहर से जूझ रहा है।












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