Coronavirus से बचने के लिए हमेशा हाथ धोकर ही पहनें मास्क, जानिए बरतनी हैं और क्या सावधानियां
नई दिल्ली। भारत में भी खतरनाक कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। यहां पर सोमवार को जहां राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और तेलंगाना एक-एक केस पॉजिटिव आए तो मंगलवार को छह संदिग्धों के सैंपल्स निगेटिव आए हैं। इस जानलेवा वायरस की दहशत के बीच ही स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से वायरस से बचने के लिए जो मास्क प्रयोग किया जा रहा है, उससे जुड़ी कुछ खास बातों को बताया गया है। मंत्रालय ने एक एडवाइजरी कर लोगों को बताया है कि उन्हें किस तरह का मास्क प्रयोग करना है और मास्क के प्रयोग में क्या-क्या सावधानियां बरतनी हैं। एक नजर डालिए कि आपको वायरस से बचने के लिए जो मास्क प्रयोग करना है, उसके लिए किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

मास्क में इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी एडवाइजरी में नागरिकों से अपील की गई है कि मास्क का प्रयोग करते समय हमेशा इस बात का खास ख्याल रखें। जो और बातें आपको ध्यान में रखनी हैं, वे कुछ इस तरह से हैं-
- मास्क पहनते समय हमेशा अपने हाथ सैनिटाइजर, साबुन और पानी से साफ करें।
- अपने मुंह और नाक को मास्क से पूरी तरह कवर रखें और इस बात का खास ध्यान रखें कि जरा भी जगह न छूटने पाए।
- एक बार प्रयोग में आ चुके मास्क को दोबारा प्रयोग न करें।
- जैसे ही मास्क में आपको नमी महसूस हो आप इसे नए मास्क के साथ बदल लें।
- मास्क को हमेशा पीछे की तरफ से हटाएं और इसके सामने के हिस्से को छूने से बचे।
- मास्क को हमेशा एक बंद डस्टबिन में ही फेंके।

क्यों जरूरी है एन95 मास्क
डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए आप जो मास्क ले रहे हैं वह सिर्फ एन95 और एन99 ही होना चाहिए। एन95 एक ऐसा मास्क है, जो 95 फीसदी तक प्रदूषण को फिल्टर करता है। इस मास्क में तीन लेयर होते हैं जो धूल के कणों को फिल्टर करते हैं। पहला फिल्टर धूल के कणों को रोकता है। दूसरा फिल्टर धूल के सूक्ष्म कणों और रोगाणुओं को रोकता है। वहीं तीसरा सैन्य ग्रेड कार्बन फिल्टर होता है। यह मास्कर वायरस और बैक्टीरिया से आपको बचाता है।

एन99 मास्क की खासियतें
एन99 मास्क, एन95 मास्क से भी बेहतर माना जाता है। ये मास्क 99-99.97 फीसदी तक प्रदूषण फिल्टर करता है। लेकिन ये मास्क तेल बेस्ड धूल के कणों को फिल्टर नहीं कर पाते हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए डॉक्टर एन99 मास्क की सलाह भी देते हैं। लेकिन इसकी कीमत दो से तीन हजार रुपये के करीब होती है।आम मास्क इस वायरस से लोगों को नहीं बचा सकते। लेकिन परेशानी की बात ये है कि मास्क की बढ़ती वैश्विक मांग के चलते इनकी भारत में काफी कमी हो गई है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां कई मेडिकल स्टोर्स पर ये मास्क नहीं मिल रहे हैं।

मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी एडवाइजरी में नागरिकों से अपील की गई है कुछ सुझावों को मानकर वे अपने साथ आसपास के लोगों को वायरस से बचाने की कोशिश करें। मंत्रालय की तरफ से नागरिकों से कहा गया है कि वे अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा का ध्यान रखें और बार-बार अपने हाथों को साबुन से धोएं। छींकते या खांसते समय अपने मुंह को ढंककर रखें। साबुन और बहते पानी से अपने हाथ को साफ करें खासतौर पर तब जब हाथ गंदे हों। एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर से हाथों को साफ रखें। मास्क के अलावा अब सैनिटाइजर भी धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं।












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