कोरोना वायरस से निपटने की सार्क देशों की वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी अपनी हरकत से बाज नहीं आया पाक, अलापा जम्मू कश्मीर का राग
नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस का संकट मंडरा रहा है, ऐसे में सार्क देश इस संकट से निपटने के लिए एकजुट हुए। इस दौरान जहां तमाम सार्क देशों ने कोरोना वायरस को लेकर अपनी चिंता जाहिर की तो वहीं पाकिस्तान इस मौके पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और उसने जम्मू-कश्मीर का राग अलापा। अहम बात है कि सार्क देशों की यह बैठक इस बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शामिल नहीं हुए, उनकी जगह पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री जफर मिर्जा ने हिस्सा लिया।

पाकिस्तान ने कश्मीर का राग अलापा
इस दौरान पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री जफर मिर्जा ने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए जम्मू कश्मीर में लगे सभी प्रतिबंध को हटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में भी कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं। जफर मिर्जा ने कहा कि कोविड-19 महामारी बन चुका है। अबतक इसके 155000 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 5833 लोगों की मौत हो चुकी है। यह वायरस 138 देशों में फैल चुका है। लिहाजा हमे कोरोना वायरस से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
भारत ने बताया नाजायज
वहीं पाकिस्तान की इस हरकत की भारत ने आलोचना करते हुए इसे गलत बताया है। सूत्रों के अनुसार भारत ने पाकिस्तान की इस हरकत पर अपनी प्रतिक्रिया देत हुए कहा कि मानवीय मसले का राजनीतिकरण करना जायज नहीं है। सार्क देशों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कश्मीर मसले का पाकिस्तान द्वारा उठाए जाना कतई सही नहीं है।
पीएम मोदी ने रखा फंड बनाने का प्रस्ताव
बता दें कि कोरोना वायरस पर चर्चा के लिए भारत सरकार ने वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था जिसमें श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोली, भूटान के प्रधानमंत्री, नेपाल के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के प्रतिनिधि जफर मिर्जा शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पीएम मोदी ने COVID-19 इमरजेंसी फंड बनाने का प्रस्ताव रखा।
पीएम मोदी के प्रस्ताव का किया स्वागत
पीएम मोदी के इस प्रस्ताव के स्वागत करते हुए मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने कहा, मैं प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावों का स्वागत करता हूं विशेष रूप से लंबी अवधि में आर्थिक सुधार और COVID19 को आपातकालीन निधि बनाने के लिए प्रस्ताव का। उन्होंने आगे कहा, सार्क देशों के स्वास्थ्य से जुड़ी एजेंसियों के बीच करीबी सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। जिससे कि वायरस से जुड़ी सूचनाएं साझा हो सके। भारत ने मालदीव के लोगों को निकाला है, हमें कोरोना से निपटने के उपकरण दिए हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कहा, पीएम मोदी के फंड के प्रस्ताव और क्षेत्र के देशों की मदद के लिए के भारत का धन्यवाद।












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