बंदरों के बाद इंसानों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू, सितंबर तक प्रयोग के लिए हो सकती है तैयार
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संकट के बीच ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जानकारी दी गई है कि वैक्सीन ने बंदरों पर काम किया है। जिसके बाद इंसानों पर इसका ट्रायल शुरू किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने बीते कुछ हफ्तों में बंदरों पर वैक्सीन का ट्रायल किया था, जिसे सफल माना गया है। जिसके बाद यूके में बीते हफ्ते से इंसानों पर इसका ट्रायल शुरू हुआ है।
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मई तक छह हजार लोगों पर ट्रायल
रिसर्च कर रही ऑक्सफॉर्ड का प्लान अगले एक महीने यानी मई के आखिर तक छह हजार लोगों पर इस वैक्सीन को टेस्ट करने का है। यूके की सरकार ने इस रिसर्च के लिए 20 मिलियन पाउंड दिए हैं। दुनिया भर में चल रहे दूसरे वैक्सीन ट्रायल के मुकाबले ऑक्सफॉर्ड की रिसर्च को सबसे तेज बताया गया है। सब ठीक रहा तो सितंबर तक ये वैक्सीन मार्किट में आ सकता है।

चीनी कंपनी का भी बंदरों पर सफल परीक्षण का दावा
चीन की एक दवा कंपनी ने भी दावा किया है कि नोवेल कोरोना वायरस के टीके का बंदरों पर परीक्षण सफल रहा है। चीनी कंपनी सिनोवैक बायोटेक ने इस टीके का परीक्षण आठ रीसस मकाऊ बंदरों पर किया। उसने कहा कि परीक्षण के दौरान टीके ने बंदरों को संक्रमण से संरक्षित किया। कंपनी के मुताबिक, यह टीका कोरोना वायरस को आंशिक से पूरी तरह तक खत्म कर देता है। टीके की दो अलग-अलग खुराक बंदरों को दी गईं। तीन सप्ताह बाद ये बंदर वायरस के संपर्क में आए, लेकिन संक्रमित नहीं हुए।

दुनिया के कई देशों में कोरोना के लिए वैक्सीन की खोज
कोरोना वायरस ने करीब पूरी दुनिया को अपनी चपेट में रखा है। ऐसे में दुनियाभर में इसकी वैक्सीन के लिए कोशिशें हो रही हैं। यूके, चीन, अमेरिका, जर्मनी समेत कई देशों में एक्सपर्ट इस पर काम कर रहे हैं। कई विशेषज्ञ इस साल सितंबर तक या फिर साल के आखिर तक वैक्सीन आ जाने का दावा भी कर रहे हैं। हालांकि इसको लेकर अभी कुछ कहना जल्दीबाजी ही होगी।












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